भारतकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,167 पृष्ठ

पृष्ठ 1163, कुल 1167 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1163

(-) वि(v) मुक्(-) त(v) प(v) द(v) भा(-) जि(v) शु(v) भे(—) ऽधि(-) का(-) शि(v)) -> Vasantatilakā! And line 25: श्रीरामसंयुतचरित्रमणेरुदार-चूडामणेर्निजपितृस्वसुरीश्वरस्य ।।१२।। Scan: श्री(-) राम(-) सं(v... no, श्री(-) रा(-) म(v) सं(-) यु(v) त(v) च(v) रि(-) त्र(v) म(v) णे(-) रु(-) दा(-) र(-) -> Vasantatilakā! चू(-) डा(-) म(v) णेर्(-) नि(v) ज(v) पि(v) तृस्(-) व(v) सु(-) री(-) श्व(-) रस(-) य? -> Vasantatilakā!

*   Line 26-27 (Verse 13):
    `पक्वेष्टकाऽऽदिरचितेऽभिनवेऽतिभव्ये-गेहे वसंस्तदुपदेशविशेषवश्यः ।`
    Wait, look at `पक्वेष्टकाऽऽदि`:
    `पक्वेष्टकाऽऽदिरचितेऽभिनवेऽतिभव्ये-गेहे वसंस्तदुपदेशविशेषवश्यः ।`
    Line 27:
    `सानन्दमे
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा) · पृष्ठ 1163, कुल 1167 में से · BharatKosha