भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
पृष्ठ 30, कुल 1167 में से
संदर्भ में पढ़ेंभावप्रकाशनिघण्टु विषय-सूची २५ पृष्ठ | पृष्ठ कण्टाई के नाम तथा गुण ७३४ | उत्तम सुवर्ण के लक्षण ७५७ कमलगट्टा के नाम तथा गुण ७३४ | निकृष्ट सुवर्ण के लक्षण ७५८ मखाना के नाम तथा गुण ७३४ | शुद्ध शोधित स्वर्णभस्म के गुण ७५८ सिंघाड़ा के नाम तथा गुण ७३५ | अशुद्ध शोधित स्वर्णभस्म के दोष ७५८ भेंट के नाम तथा गुण ७३६ | चांदी की उत्पत्ति ७५९ महुआ के नाम तथा गुण ७३६ | चांदी के नाम ७५९ फालसा के नाम तथा गुण ७३७ | चांदीभस्म के गुण ७५९ सहतूत के नाम तथा गुण ७३८ | अशुद्ध चांदीभस्म के दोष ७५९ अनार के नाम तथा गुण ७३९ | ताँबा की उत्पत्ति ७६० लिसोड़ा के नाम तथा गुण ७४० | ताँबा के नाम ७६० निर्मली के नाम तथा गुण ७४१ | उत्तम निकृष्ट ताँबा के लक्षण ७६० दाख के नाम तथा गुण ७४१ | शुद्ध ताम्रभस्म के गुण ७६० खजूर के नाम तथा गुण ७४३ | रांगा के नाम ७६१ सुलेमानी खजूर के नाम तथा गुण ७४३ | शुद्ध रांगाभस्म के गुण ७६१ छुहारा के नाम तथा गुण ७४४ | जस्ता के नाम ७६१ बादाम के नाम तथा गुण ७४४ | सीसा की उत्पत्ति और गुण ७६१ सेव के नाम तथा गुण ७४५ | अशुद्ध वंग (राँगा) तथा सीसा के दोष ७६२ नाशपाती के नाम तथा गुण ७४६ | लोहा की उत्पत्ति ७६२ पीलु के नाम तथा गुण ७४७ | लोहा के गुण-दोष ७६२ अखरोट के नाम तथा गुण ७४७ | लोहभस्म सेवन करने वाले के लिये त्याज्य पदार्थ ७६३ बिजौरा नींबू के नाम तथा गुण ७४८ | सारलौह के लक्षण ७६३ चकोतरा नींबू के नाम तथा गुण ७४९ | कान्तलौह के लक्षण ७६३ जम्बीरी नींबू के नाम तथा गुण ७५० | किट्टी के लक्षण ७६४ कागजी नींबू नाम तथा गुण ७५० | उपधातुओं की संख्या ७६४ मीठे नींबू के नाम तथा गुण ७५१ | सोनामाखी के नाम ७६४ मोसम्बी के नाम तथा गुण ७५२ | अशुद्ध सोनामाखी के दोष ७६५ कमरख के नाम तथा गुण ७५२ | रूपामाखी के नाम ७६५ इमली के नाम तथा गुण ७५३ | अशुद्ध रूपामाखी के दोष ७६५ अम्लवेतस के नाम तथा गुण ७५४ | तूतिया तथा खपरिया के नाम तथा गुण ७६५ कोकम के नाम तथा गुण ७५५ | काँसा के नाम तथा गुण ७६५ चतुरम्ल के लक्षण तथा गुण ७५६ | पीतल के नाम तथा गुण ७६६ फलविषयक परिभाषा ७५६ | सिन्दूर के नाम तथा गुण ७६६ धातूपधातुरसोपरसरत्नोपरत्नविषोपविषवर्गः | शिलाजीत की उत्पत्ति, लक्षण तथा गुण ७६६ धातुओं की संख्या ७५७ | रस शब्द की निरुक्ति ७६७ धातु शब्द की निरुक्ति ७५७ | पारे की उत्पत्ति, भेद तथा नाम ७६७ सोने की उत्पत्ति ७५७ |