भारतकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,167 पृष्ठ

पृष्ठ 46, कुल 1167 में से

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द्वितीयो भागः विषय-सूची मानपरिभाषाप्रकरणम् मागध मान ९५५ गीले तथा सूखे द्रव्यों के मान के विषय में परिभाषा ९५७ कुडवसंज्ञक मानपात्र का लक्षण ९५७ कालिङ्गमान ९५७ भेषजविधानप्रकरणम् कषाय के भेद ९५९ स्वरस बनाने की विधि ९५९ चावल के धोवन की विधि ९६० हिम बनाने की विधि ९६० मन्थ बनाने की विधि ९६० फाण्ट बनाने की विधि ९६१ कल्क बनाने की विधि ९६१ चूर्ण बनाने की विधि ९६१ अनुपान की मात्रा ९६१ भावना की विधि ९६२ पुटपाक की विधि ९६२ उष्णोदक की विधि ९६२ क्षीरपाक की विधि ९६२ क्वाथ बनाने की विधि ९६२ क्वाथ पीने की मात्रा ९६३ क्वाथ में साफ शक्कर आदि डालने की मात्रा ९६४ औषध भक्षण की विधि ९६४ अवलेह बनाने की विधि ९६४ गोली बनाने की विधि ९६४ घृत और तेल बनाने की विधि ९६५ सिद्ध हुए स्नेह के लक्षण ९६७ स्नेह परिपाक के लक्षण पूर्वक तीन प्रकार ९६७ दुग्धपाक तथा आमपाक के दोष ९६८ मृदु आदि पाकों के विषय ९६८ घी, तेल तथा गुड़ के बासी होने की महत्ता ९६८ सन्धानविधि ९६८ आसव तथा अरिष्ट के लक्षण ९६८ सामान्य रूप से अरिष्ट की विधि ९६८ सुरा तथा सुरा की जातियाँ ९६९ वारुणी के लक्षण ९६९ शुक्त का लक्षण ९६९ चुक्र का लक्षण ९६९ तुषोदक, सौवीर, आरनल, काञ्जिक तथा शिण्डाकी के लक्षण ९७० धात्वादिशोधनमारणविधिप्रकरणम् मारण करने के योग्य सुवर्ण का लक्षण ९७० मारण के अयोग्य सुवर्ण ९७० सुवर्ण की शोधन विधि ९७० अशुद्ध सुवर्ण के दोष ९७१ सुवर्ण के मारण की विधि ९७१ मारे हुए सोने का गुण ९७३ नहीं मारे हुए सोने के दोष ९७३ महापुट का प्रकार ९७३ गजपुट का प्रकार ९७३ वाराह तथा कौक्कुट पुट का प्रकार ९७४ कपोतपुट का प्रकार ९७४ गोबर का लक्षण ९७४ गोबर के पुट का प्रकार ९७४ भाण्डपुट का प्रकार ९७५ यन्त्र के प्रकार बालुकायन्त्र का प्रकार ९७५ दोलायन्त्र ९७५ स्वेदनयन्त्र ९७५ विद्याधरयन्त्र ९७५ भूधरयन्त्र ९७६ डमरुयन्त्र ९७६ मारणयोग्य चांदी के लक्षण ९७६ मारण के अयोग्य चांदी ९७६ चांदी के शोधने की विधि ९७६ अशुद्ध चाँदी के दोष ९७६ चाँदी मारने के विधि ९७७ मारी हुई चाँदी के गुण ९७७ CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmmu. Digitized by S3 Foundation USA

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