भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

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४६७ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ११५१ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ११५२ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ११५३ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ११५४ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ११५५ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ११५६ 'मकर' लग्न में 'शुक्र' का फलादेश १—'मकर' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शुक्र' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ११५७ से ११६८ के बीच देखना चाहिए। २—'मकर' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शुक्र' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'शुक्र'— (क) 'मेष' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११५७ (ख) 'वृष' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११५८ (ग) 'मिथुन' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११५६ (घ) 'कर्क' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६० (ङ) 'सिंह' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६१ (च) 'कन्या' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६२ (छ) 'तुला' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६३ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६४ (झ) 'धनु' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६५ (ञ) 'मकर' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६६ (ट) 'कुम्भ' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६७ (ठ) 'मीन' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६८ 'मकर' लग्न में 'शनि' का फलादेश १—'मकर' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शनि' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ११६६ से ११८० के बीच देखना चाहिए। २—'मकर' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली विभिन्न भावों में स्थित 'शनि' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'शनि'— (क) 'मेष' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११६६