ब्रह्मचर्य - स्वस्थ व सुखमय साधना
Brahmacharya - Swasth Va Sukhmay Sadhana
प्रेमवल्लभा शरण द्वारा
स्रोत: 2019 Shri Hit Radha Keli Kunj Trust edition · श्री हित राधा केलि कुञ्ज ट्रस्ट, वृन्दावन · 2019 (उद्गम)
कभी हस्तमैथुन आदि के द्वारा वीर्यपात किया ही नहीं तो उसका असली वीर्य कभी भी पात होगा ही नहीं ।
यदि आपने कभी हस्तमैथुन नहीं किया, किसी भी तरह से जननेन्द्रिय का घर्षण करके वीर्यपात नहीं किया तो संतानोत्पत्ति की क्षमता वाला आपका जो वास्तविक वीर्य है, वह स्वाभाविक निकल ही नहीं सकता । यदि आपने गंदी क्रियाएँ करके पहले उसे मार्ग दे दिया है तो फिर उसके निकलने का मार्ग हो गया है । तो परमहंस जी ने बताया कि एक होता है आप सो रहे हैं और आपको बिल्कुल पता नहीं, बिल्कुल कोई काम का संकल्प नहीं, कोई क्रीड़ा नहीं और आप जगे आपको ऐसा लगा कि वीर्यपात हो गया तो वो दोष नहीं है । जैसे जब गुड़ बनाया जाता है तो उसमें गंदा फेन निकलता है ऊपर, ऐसे ही ये शरीर का विकार निकला न कि ब्रह्मचर्य नष्ट करने वाला वीर्य । इसलिए उपासक को उसमें परेशान नहीं होना है क्योंकि आपके ब्रह्मचर्य का नाश नहीं हुआ; और यदि आप हस्तमैथुन या अन्य क्रियाओं के द्वारा वीर्यपात करते रहे हैं और आज आपने रोक दिया कि क्या आज से नहीं करूँगा तो वह तत्काल बंद नहीं हो जाएगा, वह वीर्य स्वल्पन कुछ समय तक चलेगा, अगर आप ठीक नियम से चलेंगे तो कम से कम छः महीने लगेंगे उसको कवर करने में और अगर आपने प्रमाद स्थिति की कि वहतो निकल ही जाता है, फिर हमको वीर्यपात करने से क्यों मना किया जाता है तो आप देख लेना कि कुछ समय बाद आपकी हालत बहुत गंभीर हो जाएगी, जो आप बता भी नहीं पायेंगे किसी से; क्या गंभीर हो जाएगी ? आप ऐसे ही साधारण सी क्रियाओं में ही ब्रह्मचर्य हीन हो जायेंगे । जननेन्द्रिय को छूते ही वीर्यपात होने लगेगा । ये सब बातें हम महापुरुषों के अनुभव और इस तरह की गंभीर हालत वाले लोगों से मिलकर ही बता रहे हैं ।
6/2/20
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