ब्रह्मचर्य विज्ञान

ब्रह्मचर्य विज्ञान
Brahmacharya Vigyaan
पं. जगन्नारायणदेव शर्मा द्वारा
स्रोत: Sarvahitkari Grantha Mala · Sarvahitkari (उद्गम)
DevanagariHindipublished380 पृष्ठ
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( ५ )
| संख्या | विषय | पृष्ठाङ्क | ||
|---|---|---|---|---|
| १२— | गृहस्थ ब्रह्मचारिणी देवहूती | ... | ... | २३३ |
| १३— | झी-जाति का पतन | ... | ... | २३५ |
| १४— | व्यभिचारिणी की दुर्दशा | ... | ... | २३७ |
| १५— | झी-जाति पर विदेशी मत | ... | ... | २३९ |
| [ पञ्चम खण्ड ] | ||||
| १— | ब्रह्म-वन्दना | ... | ... | २४२ |
| २— | शरीर का सार | ... | ... | २४३ |
| ३— | वीर्य की उत्पत्ति | ... | ... | २४५ |
| ४— | ओज और वीर्य | ... | ... | २४६ |
| ५— | वीर्य पर वैज्ञानिक दृष्टि | ... | ... | २४८ |
| ६— | वीर्य के पकने का काल | ... | ... | २४९ |
| ७— | वीर्य का स्थान और परिमाण | ... | ... | २५२ |
| ८— | सन्मोग से वीर्य-स्खलन | ... | ... | २५४ |
| ९— | वीर्य के कार्य | ... | ... | २५५ |
| १०— | जरा और मृत्यु | ... | ... | २५७ |
| ११— | आयुर्वेद का कारण | ... | ... | २५९ |
| १२— | वीर्य-क्षय से राजयोग | ... | ... | २६० |
| (१) प्रमेह | ... | ... | २६० | |
| (२) क्षय या यक्ष्मा | ... | ... | २६२ | |
| (३) स्तम्भ-दोष | ... | ... | २६३ | |
| (४) नपुंसकता | ... | ... | २६४ | |
| १३— | वीर्य-रक्षा से लाभ | ... | ... | २६५ |
| १४— | वीर्य-नाश से हानि | ... | ... | २६७ |