ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
पृष्ठ 396, कुल 737 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 396
( १० ) नवनगशशिमुनिकृतनवयं १ नगनन्देन्दवः ४ १६७२६४७१७६ २ शकनृपांते ॥ ५ सार्धमतीत्र ३ मनूनां सन्धिभिराद्यन्तरान्तगतैः ॥ २७ ॥ ६ अधिकः ४ स्मृत्युक्तमनोरार्यभटोक्तश्चतुर्युगेन मनुः । अधिकं विशांश २ युतैस्त्रिभिर्युगैस्तस्तस्य १ कल्पगतम् ॥ २८ ॥ १८६१२७१६ ३ कल्पगताब्द १ द्वादशघातश् २ चैत्रादिमासयुक्तोऽधः ४ । गुणितो युगाधिमासै रवमासाप्ताधिमासयुतः ३ ॥ २६ ॥
२७. (घ) १. यमांगतान्देन्दव (ग) यमाग (ख) यमागनंदेवः for (यनगनन्देन्दवः)
२. यह संख्या यहाँ श्लोक के अन्त में दी है, (ग)
(ग) ३. सार्ध प्रतीत (ख) सार्धमतीत (च) सार्द्धमतिव for (सार्धमतीव)
(क) १. यमागणांदेदेवः for (यनगनन्देन्दवः)
२. यह संख्या मूल में लुप्त है। टीका में उपलब्ध है।
(च) १. यमांगतं for (यनगनन्)—"देन्दवः" उत्तरार्ध का आरंभ है
४. उत्तरार्ध का आरंभ—देंदवः for (देंदवः)
५. ✢शकनृपांते✢
६. ✢१६७२६४७१७६✢
२८. (घ) १. युगैस्तस्य कल्पगतम् for (युगैस्तस्तस्य कल्पगतम्) (ग) (क) (ख)
(ग) २. विशांक (क) (विशांश)
३. १८८६१२३१७६ for (१८६१२७१६)
(क) ३. यह संख्या मूल में लुप्त है, टीका में निम्नांकित है—१८६६१२३७६
(ख) ४. अधिकस्मृत्युक्त for (अधिकः स्मृत्युक्त)
(च) ३. स्मृत्युत्त for (स्मृत्युक्त)
२६. (घ) १. ब्दा for (ब्द) (च) कल्पगताब्दा for (कल्पगताब्द)
२. घाता for (घातश्) (क)
(ग) ३. युताः (for युतः)
(क) ४. युक्तोऽध । (ख) युक्तोध (च) युक्तोधः for (युक्तोऽधः)
(च) २. द्वादशघातश्चित्रादि for (द्वादशघातश्चैत्रादि)