भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 405

( १६ ) भार्गवशीघ्रस्यांबर खखाष्टं^३ वेदाब्धिवेदखाग्नि^५ ^६ कृतैः ४३०४४४८००० भास्कर^७ सुतस्य खत्रय रविगुणशरखगुण^२ समुद्रैः^४ ॥ ५३ ॥ ४३०५३१२००० शून्यचतुष्टय^७ पक्षेन्दुं^२ रामगुण नवभिरर्कमंदस्य । ६३३१२०००० इन्दोः खमय यमशरनव पंचव्योम^६ शरचन्द्रैः^५ ॥ ५४ ॥ १५०५६२००० खत्रय यमनवपंचाष्टरामधृतिभिः शशांकपातस्य । १८३८५६२००० कल्पगतभगणघातात्^१ कुजादिमंदोच्चपातानाम् ॥ ५५ ॥ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ५३. (घ) १. भाग्रव (च) for (भार्गव) २. शरखद for (शरखगुण) (ख) शरखदहन सुमुद्रैः for (शरखगुणसमुद्रैः) (ग) ३. खखाष्ट for (खखाष्टं) (क) (ख) खाखाष्ट for (खखाष्टं) ४. दहनसमुद्रैः (क) for (खगुणसमुद्रैः) (ख) ५. वेदाश्च for (वेदाब्धि) ६. वेदखाब्दि for (वेदखाग्नि) ७. भागस्कर for (भास्कर) (च) ३. खखाष्ट for (खखाष्टं) ४. खद for (खगुण) ५४. (घ) १. त्रयं for (खमयं) (ख) त्रयमशर for (खमयमशर) (च) खत्रये for (खमयं) (ग) २. पक्षेन्दु (क) (च) for (पक्षेन्दुं) ३. चन्द्रसमः शून्यत्रय for (इन्दोः खमय) ४. यमशनवशरखशरचन्द्रैः for (यमशरनवपंचव्यो मशरचन्द्रैः) ५. १५०५६५२००० (च) for (१५०५६२०००) (क) ३. चंद्रमसः शून्यत्रय for (इन्दोः खमय) ६. शरख for (पंचव्योम) वि० मूलांकित दोनों संख्याएँ मूल में नहीं है। टीका में अंकित हैं। (ख) ७. सून्य for (शून्य) ५५. (क) मूल में संख्या उपलब्ध नहीं। टीका में अंकित है। (ख) १. गणोघ्यायातात्कुंजादि for (गणघातात् कुजादि)