ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
पृष्ठ 452, कुल 737 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 452
( ६६ ) उन्नतजीवाभक्तं⁴ व्यासार्द्धं⁵ द्वादशाहतं³ कर्णः । मध्यच्छायाकर्ण¹द्वादशक्रान्त्यन्तरं² पदं वा ॥ ४६ ॥ कुदलांत्याज्या¹ छेदोमध्यछाया यथोक्तकरणैर्वा । अन्त्याज्या⁴ छेदाद्यं⁵ मध्यच्छायाऽथवा बहुधा । ५० ॥ विषुवत्करणेन⁶ गुणा¹ विषुवच्छाया हतोत्तरा क्रान्तिः । यद्युनाक्षक्षज्याया³ शकुसममंडलस्थेऽर्के⁵ ⁴ ⁷ ॥ ५१ ॥
४६. (घ) १. छायाम् for (छाया)
\hspace{1.8cm} २. कृत्यन्तरपदम् (ग) (क) कृत्यन्तरपदं वा for (क्रान्त्यतरं पदं वा)
\hspace{1.8cm} ३. द्वादशाहतं ११ for (द्वादशाहतं)
\hspace{0.9cm} (ग) ४. भुक्तं for (भक्तं)
\hspace{0.9cm} (ख) ५. व्यासार्ध for (व्यासार्द्धं)
\hspace{1.8cm} १. 'मध्यच्छायाकर्णं' पद लुप्त हैं।
\hspace{1.8cm} २. कृतंतर for (क्रान्त्यतरं) यहां दूसरी पंक्ति 'द्वादश' से आरम्भ है।
\hspace{0.9cm} (च) १. छायां for (छाया) २. कृत्यंतरपदं वा for (क्रान्त्यतरं पदं वा)
५०. (घ) १. घुदलां (ग) (क) (ख) (च) for (कुदलां)
\hspace{0.9cm} (ग) २. त्यज्या (क) (ख) for (त्याज्या)
\hspace{1.8cm} ३. वरगौर्वा (ख) करणौ वाः for (करणैर्वा)
\hspace{0.9cm} (क) ४. अन्त्यज्या (ख) अत्याज्याः for (अन्त्याज्या)
\hspace{0.9cm} (ख) ५. मध्यछाया for (मंध्यछाया)
\hspace{0.9cm} (च) ६. अवग्रह चिह्न लुप्त
५१. (घ) १. विषुवच्छाया (ग) (ख) 'विषुवच्छाया for (विषुवत्छाया)
\hspace{1.8cm} २. हतोत्तरा for (हतोत्तरा) (क) छायोद्धूतोत्तरा for (छायाहतोत्तरा)
\hspace{1.8cm} ३. यदूनाक्षय्याया (ग) यूनाअज्यायाः (क) यदूनाक्षज्यायाः for (यद्युनाक्ष-
\hspace{2.3cm} क्षज्याय)
\hspace{1.8cm} ४. समं (च) for (सम)
\hspace{0.9cm} (ग) ५. शंकुः (क) (ख) 'शंकु' लुप्त पद for (शंकु)
\hspace{0.9cm} (क) ६. बिषुवत्कर्णन for (विषुवत्करणेन)
\hspace{1.8cm} ३. यदूनाक्षज्यायाः for (यद्युनाक्षक्षज्याया)
\hspace{1.8cm} ७. मंडलास्थेर्के for (मंडलस्थे ऽर्के)
\hspace{0.9cm} (च) १. विववच्छाया for (विषुवत्छाया)
\hspace{1.8cm} २. हृतोत्तरा for (हतोत्तरा) ३ यदूनाक्षज्याया for (यद्युनाक्षक्षज्याया)