भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 479

( ६३ ) <sup></sup>शशिविक्षेपाक्रम<sup></sup>धनुषो <sup></sup>योगान्तरं <sup></sup>समान्यदिशोः । <sup></sup>सज्जयेद्द्वय<sup></sup>क्रमज्या स्वाहोरात्रा<sup></sup>द्यतो रविवत् ॥ ५ ॥ स्व<sup></sup>क्रान्तिज्ये त्रिज्यागुणे <sup></sup>हते <sup></sup>लम्बकेन <sup></sup>रविशशिनोः । <sup></sup>अग्रे पृथक् स्वशंकुतल तुल्य<sup></sup>युक्ते <sup></sup>विर्दिक् वियुते ॥ ६ ॥ ५. (घ) ६. धनुखोर्योगांत for (धनुषोयोगांत) ३. तज्येंद्वप्रक्रमय्या (ग) तज्येंद्वपक्रमज्या for (सज्जयेद्द्वयक्रमज्या) (ग) १. विक्षेपापक्रम for (विक्षेपाक्रम) ७. योंगांतरं for (योगान्तरं) (च) ६. धनुरवोर्योगांतरं for (धनुषो योगान्तरं) ३. तज्येंद्वपक्रमंज्या for (सज्जयेद्द्वयक्रमज्या) (क) १. विक्षेपराग्यपक्रम for (शशिविक्षेपाक्रम) २. सभोंता for (समान्यं) ३. तज्ज्ये for (सज्ज्ये) ४. क्रमज्यात् for (क्रमज्या) ५. यातौ for (यतो) ६. (घ) २. हृते (च) for (हते) ६. शनिनोः for (शशिनोः) (च) ७. अंग्रै for (अग्रे) (ग) ४. युते for (युक्ते) ५. न्यदिग्वियुते for (विदिक् वियुते) (क) १. ज्योतिज्ये for (क्रान्तिज्ये) २. वृते for (हते) ३. लावकैन for (लम्बकेन) ४. युते for (युक्ते) ५. विदिम् for (विदिक्.)