ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( १२३ ) विपरित$^६$धनमृणं$^१$ सौम्यशुक्रयोर्वं$^७$क्रिणोः स्वभुक्तिकलाः$^२$ । एवमुदयास्तमययो$^३$ विपरितं$^८$ वक्रिणः$^४$ स्वफलम्$^५$ ॥ ३४ ॥ विक्षेपो$^१$ दक्षिणतस्तत्क्रांतेर्भाग$^२$ सप्तसप्तत्या$^४$ । मिथुनस्य सप्तविंशे भागे$^३$नस्त्योन्नतैर्भागैः ॥ ३५ ॥
३४. (घ) ६. विपरीत (ग) for (विपरित)
७. विक्रणोः for (वक्रिणो)
३. एवनुदयास्तमययो (ग) एवमुदयास्तममयो for (एवमुदयास्तमययो)
८. विपरीतं (ग) for (विपरितं)
(ग) १. ऋणधनं for (धनमृणं)
(च) ७. विक्रिणों for (वक्रिणोः)
८. विपरितं for (विपरितं)
(क) १. ऋणाधनं for (धनमृणं)
२. कालः for (कलाः)
३. उदक for (उदया)
४. वक्रिणि (ग) for (वक्रिणः)
५. फलाम् for (फलम्)
३५. (घ) १. विक्षिप्तो (ग) for (विक्षेपो)
२. वक्रांते (ग) तत्क्रान्ते for (तत्क्रान्ते)
३. नस्त्योन्नतै भागैः (ग) गस्त्योनतैर्भागैः for (नस्त्योन्नतैर्भागैः)
(ग) ४. 'सप्त' यह पद यहां अंकित नहीं ।
(च) १. विक्षेप्रो for (विक्षेपो)
२. तत्क्रांते for (तत्क्रान्ते)
३. नस्त्योन्नत्तैभागैः for (नस्त्योन्नतैर्भागैः)
(क) १. विक्षिप्तो for (विक्षेपो)
२. स्व for (स्त)
३. भागेरगेस्त्योर्नतैः for (भागेनस्त्योन्नतै)