ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १२५ ) उदयास्तसूर्योंरन्तरे³ रवौ दृश्यते⁴ऽन्यथास्तमितः² । ऊनाधिकारविकला रविभुक्त्या भाजिता दिवसाः ॥ ३६ ॥ षड्विंशो¹ मिथुनांशेः⁶ शकचत्वारिंशता ४० मृग व्याधः² । तक्रांतेर्दक्षरातो³ विक्षिप्तागस्त्यवच्छेषम्⁴ ॥ ४० ॥ गुणिता व्यासाद्धेन स्वक्रान्तिज्यावलंबकहतांग्रा¹ । प्रतिदिनमुदयास्तमया वर्गाग्रे² भग्नहमुनीनो³ ॥ ४१ ॥ ३६. (घ) १. उदयास्तसूर्यायारंतरे (ग) उदयास्तासूर्यो for (उदयास्तसूर्योंरंतरे) २. स्तमित for (स्तमित) (ग) न्यथास्तमितिः for (ऽन्यथास्तमितः) ३. ऊनाधिकार (ग) for (ऊनाधिकार) (ग) ४. दृश्यतेः for (दृश्यते) (च) १. उदयास्तसूर्यायोरन्तरे for (उदयोस्तसूर्योंरन्तरे) २. न्यथास्तमित for (ऽन्यथास्तमित) (क) ६. सूययोरन्तर for (सूर्योंरन्तरे) ४०. (घ) १. षड्विंशे (ग) (ग) for (षड्विंशो) ५. तत्क्रांतेर्दक्षिणतो (ग) तत्क्रांतोर्दक्षिणतो for (तक्रान्तेर्दक्षरातो) ४. विक्षिप्तोगस्त्यवच्छेष (ग) विक्षिप्तोगस्त्यवच्छेषम् for (विक्षिप्तागस्त्य- वच्छेषम्) (ग) ६. मिथुनांशेड्शक for (मिथुनांशेः शक) (च) ५. तत्क्रांते for (तक्रांते) ३. दक्षिणतो for (दक्षरातो) (क) १. विंशे for (विंशो) २. व्याधेः for (व्याधः) ३. दक्षिण for (दक्षरातो) ४. विक्षेपोऽगस्त्य for (विक्षिप्तागस्त्य) ४१. (घ) १. ज्यावलंबलकहताग्रा (ग) ज्यावलंबकोद्धृता स्वाग्रा for (ज्यावलंबकहताग्रा) २. वग्राग्रे (ग) for (वर्गाग्रे) ३. मुनीनाम् (ग) भग्रहमुनीनाम् (च) for (भग्नहमुनीनो) (च) १. हृताग्रा for (हताग्रा) (क) १. प्रतिदिनमुदयास्तमयांवयात्रे वगृहमुनीरमां गुणिता व्यासाद्धैन स्वक्रान्तिज्या साद्धेनानेन for (गुणिता व्यासाद्धेन स्वक्रान्तिज्या वलंबकहताग्रा । प्रतिदिनमुद्योस्त- मया वर्गाग्रे भग्नहमुनीनो ॥)