ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
पृष्ठ 538, कुल 737 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 538
( १५२ ) इत्ति⁴ कथिततन्त्राणां¹कान्यठ²तिरपि दूषणैः करोत्यज्ञानात्⁵ । तन्त्र परीक्षार्यणां³ त्रिषष्टिरेकादशोध्यायः ॥ ६३ ॥ इति श्री⁶ ब्रह्मगुप्तसिद्धान्ते एकादशोऽध्यायः ।
६३. (घ) १, २. तन्त्रगणकान्यदितै (ग) तन्त्रगणकान् पठितैरपि for (तन्त्राणाका-
म्पठतिरपि)
३. परीक्षार्याणाम् (ग) for (परीक्षार्यणां)
(ग) ४. इति for (इत्ति) ५. करोत्यज्ञान् for (करोत्यज्ञानात्)
समाप्तिसूचक चिह्न छः छः छः
(च) १. तन्त्रगणकान्यदितैरपि for (तन्त्राणाकान्यठतिरपि)
५. करोत्यज्ञान् for (करोत्यज्ञानात्)
२. परिक्षार्याणां for (परीक्षार्यणां) ६. 'इति' से 'अध्यायः' तक सब लुप्त ।