ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( १६६ ) शाकादिषु शाल्मल्यां¹ शतद्वयं जीवके⁴ शतं विंशं शालैः⁵ । सरलादिषु² सर्वविहङ्गरुसु³ चतुः षष्टिः ६ ॥ ४६ ॥ क्रवच व्यवहार समाप्तः । नवमं¹ सूकिषु² दशमस्थूलेष्वेकादशो भवत्यणुषु । परिधेर्वेध⁴परिधिः षडंशवर्गो³ हतो गणितम् ॥ ५० ॥ द्विचतुः सत्र्यंशगुणोमित्यंतर¹ बाह्यकोणगः । परिधिः² प्राग्वत्कृत्वा गणितं तद् गणितं स्वगुणकारहूतं³ ॥ ५१ ॥ राशिव्यवहारः⁴ समाप्तः ।
४६. (घ) १. शालाल्पांश for (शाल्मल्यांश)
२. सरलादिषुशतं सर्व (ग) for (सरलादिषुसर्व)
३. विदारूपु (ग) विवहारुषु for (विहङ्गरुसु)
(ग) ४. बीजकेन for (जीवके)
५. यहां 'विंशं' पर श्लोकार्थ समाप्त करके 'शाल' से दूसरी पंक्ति आरम्भ है।
(ङ) ६. क्रकचव्यवहारः (च) for (क्रवचव्यवहार)
(च) ५. वीशंशालः for (विशंशालः) २. +शतं+
३. विदारुषु for (विहङ्गरुसु)
(ङ) ५. विंशं for (विशंशालः) २. ३. शतमथाविदारुषु for (सर्वविहङ्गरुषु)
६. लुप्त।
५०. (घ) १. नवमं शूकिषु (ग) नवमः सूकिषु for (नवमसूकिषु)
२. दशमः (ग) (ङ) for (दशम) ३. वर्गाह्तो (ग) वग्राहतो for (वर्गोह्तो)
(ग) ४. परिधेर्वेधः (च) (ङ) for (परिधेर्वेधः)
(च) १. नवमंशूकिषु for (नवमसूकिषु) ३. वर्गाह्तो (ङ) for (वर्गोह्तो)
(ङ) १. नवमः शूकिषु for (नवमसूकिषु) ५. परिधेः for (परिधिः)
५१. (घ) १. भित्त्यंतर (ग) (च) for (मित्यंतर)
२. परिधिः (यह शब्द पहली पंक्ति का अन्तिम शब्द है) (ङ)
३. हृतम् (ग) (च) (ङ) for (हूतं)
(ङ) १. मित्यन्तर् for (मित्यंतर)
४. इति राशिव्यवहारः for (राशिव्यवहारः समाप्तः)