ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( १६६ ) गुण्यं गुणकारं वा गुणये³ छेदेन भागहरस्य¹ । गुण्यगुणकारराश्यो⁴ छेदगुणो⁵ भागहरश्च² ॥ ६० ॥ छेदस्य¹ छेदरूपं कृत्वा न्यदूक्तवत्सर्वम् । अपवर्त्यो² तुल्यो³ न छेदगुणौ⁴ छेदगुण्यौ⁶ वा ॥ ६१ ॥ स्वविकलषष्ट्यंशगुणं⁴ सकलस्त्र्यंशोद्धतो¹ विकलवर्गः⁵ । प्रश्नेप्यः² सकलकृतौ वर्गघातौ³ द्वित्रितुल्यवधौ ॥ ६२ ॥ राशेखनं¹ द्विगुण² बहुतरगुणमूनकृतियुतं³ वर्गः । राशेरिष्टयुतोनाद्धः कृतिवेष्टकृतियुक्तः⁵ ॥ ६३ ॥
६०. (घ) १. भागहारस्य (ग) (च) (ङ) for (भागहरस्य)
२. भागहारश्च (ङ) for (भागहरश्च)
(ग) ३. गुणयो for (गुणये)
(च) २. भागहारश्च for (भागहरश्च)
(ङ) ३. गुणयेच्छेदेन for (गुणयेछेदेन) ४. राश्योश्छेद for (राश्योच्छेद)
६१. (घ) १. अच्छेदस्य छेदं (ग) for (छेदस्य छेदरूपं)
२. अपवत्यौ for (अपवर्त्यौ) ३. तुल्येन (ग) for (तुल्योन)
४. छेदगुणौ (ग) for (छदगुणौ)
(ग) ५. दुक्तवत्सर्वम् (ङ) for (दूक्तवत्सर्वम्) ६. छेदगुप्यो वा for (छेदगुण्यौ वा)
(च) ५. न्युदुक्तवत् for (न्यदूक्तवत्) २. अपवर्त्त्यौ for (अपवर्त्यौ)
४. छेदगुणौ for (छदगुणौ)
(ङ) १. अच्छेदस्य for (छेदस्य)
३, ४, ६. छेदगुणौ तुल्येनेष्टेन for (तुल्यो न छदगुणौ छेद)
६२. (घ) १. सकलस्त्रिंशोद्धृतो (ग) सकलस्त्रिशोद्धृतो for (सकलस्त्र्यंशोद्धतो)
२. प्रक्षेप्यः (ग) (च) (ङ) for (प्रश्नेप्यः)
३. वर्गघनौ (ग) वग्रेघनौ for (वर्गघातौ)
(ग) ४. वश्यंशगुणः for (षष्ट्यंशगुणं) ५. वग्रेः for (वर्गः)
(च) १. सकलस्त्रिशो हृतो for (सकलस्त्र्यंशोद्धतो)
(ङ) ६. गुणः for (गुणं) १. सकलास्त्रिंशोद्धतो for (सकलस्त्र्यंशोद्धतो)
३. वर्गघनौ for (वर्गघातौ)
६३. (घ) १. रूनं (ग) (च) (ङ) for (खनं) २. वेंष्ट (ग) (च) for (वेष्ट)
(ग) ३. कृवि for (कृति) ४. बुतं वग्रेः for (युतं वर्गः)
५. र्युक्तः for (युक्तः)
(च) ३. क्रति for (कृति