भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

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पृष्ठ 580

( १६४ ) एवं द्वितीयराशियुतिहीने^४ रिष्टनाडिका^२स्वफलैः । एष्यदतीतं वा यदिराशिद्वयमपि तदंतरकम् ॥ ३६ ॥^३ छेदोऽन्यथा तदैक्यं घात^२स्येष्टघटिका प्रथमराश्योः । फलघटिकाभिर्मध्यं द्वयोरपि^३ प्रथमराशिवशात् ॥ ४० ॥^४ तात्कालिकैर्गैर^३सकृदिष्टघटिकाफलोनयुक्तै^१स्तैः । प्राग्वत्प्रथमे^२ छेदः प्रमाणयोगादर्द्धलिप्तानाम् ॥ ४१ ॥^४ इष्टघटिकागुणाना^५मसकृत^१ फलनाडिकाभिराद्यंतैः^२ । व्यतिपाप^३वैधृतानयनमन्यतंत्रेषु न ब्राह्मा^४यात् ॥ ४२ ॥^१

३६. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ४० अंकित है)
१. एष्यदतीनं for (एष्यदतीतं)
(च) २. नाडिकाः for (नाडिका) १. ऐष्यदतीतं for (एष्यदतीतं)
३. (वि०—यहां क्रमसंख्या ४० अंकित है) (ङ)
(ङ) ४. युतहीने for (युतिहीने)
४०. (घ) (वि०—इसका संख्याक्रम ४१ है )
१. प्रमराशिवशात् for (प्रथमराशिवशात्)
(ग) २. घतस्येष्ठ for (घातस्येष्ट) ३. द्वरपि for (द्वयोरपि)
(च) ४. (वि०—यहां क्रमसंख्या ४१ अंकित है) (ङ)
४१. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ४२ है)
१. फलोनक्तैस्तैः for (फलोनयुक्तैस्तैः)
२. प्रथमच्छेदः (ग) प्रमछेदः for (प्रथमेच्छेदः)
(च) ३. रसक्रदिष्ट for (रसकृदिष्ट) ४. (वि०—यहां क्रमसंख्या ४२ अंकित है) (ङ)
(ङ) २. प्रथमश्छेदः for (प्रथमेच्छेदः)
४२. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ४३ है)
१. असकृतफल (ग) for (असकृतफल) २. राद्यंतो (ग) for (राद्यंतैः)
३. व्यतिपात (ग) व्यतीपात (ग) व्यतीपात for (व्यतिपाप)
४. ग्राह्यात् (ग) ब्रह्यात् for (ब्राह्मा_यात्)
(ग) ५. गुणनाम् for (गुणानाम्)
(च) १. मसकृतफल for (मसकृतफल) ४. ब्राह्मात् for (ब्राह्मा_यात्)
६. (वि०—क्रमसंख्या ४३ अंकित है) । (ङ)
(ङ) १. असकृत् for (असकृत) २. राद्यन्तौ for (राद्यंतैः)
३. व्यतिपात for (व्यतिपाप) ४. ब्राह्मात् for (ब्राह्मा_यात्)