भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 583

( १६७ ) अध्यर्द्धा² समक्षेत्राणां मध्यगते³ लिप्तिकाः शशिनः । अध्यर्द्धाद्वैकगुणा⁴ भोगलिप्तास्तदैक्योना¹ ॥ ४६ ॥⁵ मंडललिप्ताः शेषो भोगोभिजित्¹ शशांक² भगणा वा³ । त्रिघनगुणाः संशोद्ध्याः कल्पदिनेभ्यो यदवशेषम् ॥ ५० ॥⁴ तद्गुणैर्द्दिनभोगो¹ ऽभिजितो भोगलिप्तोनाः³ । भानि ग्रहभुक्त⁴कला गतगम्या गतिहृता² दिवसाः⁵ ॥ ५१ ॥⁶ भफलं प्रोक्तमभिजितो मंगलपात्रासु³ संहिताकारैः । यैस्तद्भोगोनोक्तास्ते¹ गणकाः संहिताबाह्याः² ॥ ५२ ॥⁴

४६. (घ) (वि०—इसकी श्लोक संख्या ५० अंकित है )
१. तदैक्योनाः (च) (ङ) for (तदैक्योना)
(ग) २. अध्यद्धार्द्ध for (अध्यर्द्धा) ३. मध्यगति (ङ)