ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( २०२ ) दिनगत²शेषप्राणैरिष्टार्को¹ दिनदलान्नतै⁴स्तथवा । भवति सममंडले⁵ यैर्यस्तान् कथयति स तंत्रज्ञः⁶ ॥ १० ॥ सममंडलंगः³ प्राग्दिनगत शेषे नते¹ दिनार्द्धाद्वा² । यै⁴ र्भवति ज्ञात्वा तान्योऽर्कं⁵ कथयति स तंत्रज्ञः ॥ ११ ॥ यः सममंडल⁵शंकुकरां¹ व वीक्ष³ सूर्यमानयति² । रविसममंडलशंकुज्ञो⁶ क्षं⁴ कथयति स तंत्रज्ञः ॥ १२ ॥ रविलग्नांतर घटिका¹ विनोदयैर्लग्न²मिष्टघटिकाभिः । वेत्ति चरार्द्धादिकं योर्कज्ञो³ वा स तंत्रज्ञः ॥ १३ ॥ अक्षचरार्द्धाज्ज्ञाकं³ छायातो यच्चरार्द्धमिष्टायाः¹ । इष्टचरार्द्धाद्वथवा⁴ छायां कथयति² स तंत्रज्ञः ॥ १४ ॥
१०. (घ) १. रिष्टाऽर्को (ग) रिष्टाऽर्को for (रिष्टार्को)
(ग) २. दिनगते for (दिनगत) ४. दिनदलान्नतेरथवा for (दिनदलान्नतैस्तथवा)
५. समंडले for (सममंडले) ६. तत्रज्ञः for (तंत्रज्ञः)
(च) १. ऽर्को for (र्को)
११. (घ) १. नंते (ग) (च) (ङ) for (नतै) २. दिनाद्धाद्द्वा (च) for (दिनार्द्धाद्वा)
(ग) ३. सममंडलंगं for (सममंडलंगः) ४. यैर्भवति (च) for (यैर्भवति)
५. न्योऽर्कं for (न्योऽर्कं)
(च) ५. तान्योऽक्कं for (तान्योऽर्कं)
(ङ) १. दिनाधर्द्धा for (दिनार्द्धाद्वा) ६. योऽर्कं for (योऽर्कं)
१२. (घ) १. शंकु (ग) (ङ) for (शंकु) २. वा (च) (ङ) for (व)
३. वीक्ष्य (च) (ङ) for (वीक्ष) ४. कथति (च) for कथयति)
(ग) ५. समंडल for (सममंडल)
(ङ) ६. ऽक्षं for (क्षं)
१३. (ग) १. घटिको for (घटिका) २. लग्न for (र्लग्न)
(च) ३. योऽर्कज्ञो for (योर्कज्ञो)
(ङ) ३. योऽर्कज्ञो for (योर्कज्ञो)
१४. (घ) १. यस्यरार्द्धं (ग) यच्चरार्ध for (यच्चरार्द्धं)
२. कथति for (कथयति)
(ग) ३. चरार्द्धंज्ञो for (चरार्द्धाज्ज्ञाकं) ४. चरार्द्धदथवा for (चरार्द्धाद्वथवा)
(च) ३. ज्ञाक्कं for (ज्ञाकं)
(ङ) ३. चरार्धंज्ञोऽर्कं for (चरार्द्धाज्ज्ञाकं) ४. चरार्धादथवा for (चरार्द्धाद्वथवा)