भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

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पृष्ठ 595

( २०६ ) अष्टचरार्द्धस्य¹ ज्या क्षयवृद्धि ज्यात्तदर्कवधकृत्या² । त्रिज्याविषवच्छाया⁵ वधवर्गो³ युतवधच्छेदः⁴ ॥ ३७ ॥ व्यासाद्र्द्धकृते¹ मूलं क्रांतिज्यावासदलगुणा² भक्ता । जोनभागजीवया³ लब्धचापमर्कपादैः⁶ प्राग्वत्⁴ ॥ ३८ ॥⁵ विषूवच्छाया² भक्ता स्वचरार्द्धज्येष्टयात्यया¹ भक्ता गुणिता । लब्धस्य चापमिष्ट³ छायायाश्चरदलप्राणाः ॥ ३९ ॥ स्वचरार्द्धर्ज्याभक्ता¹ विषुवच्छायेष्ट² चरदल श्रुनाम् । गुणिताज्येष्ट³ चरदल विषुवच्छाया फलं भवति ॥ ४० ॥

३७. (घ) १. चरार्धस्य (ग) इष्टचरार्द्धस्य for (अष्टचरार्द्धस्य ।
२. कृत्याः (ग) क्रत्या for (कृत्या) ३. ववर्गो for (वधवर्गो)
४. हृताछदः (घ) हृतछेदः for (युतवधच्छेदः)
(ग) १. भ्रष्टचरार्द्धस्य ज्या for (अष्टचरार्द्धस्य ज्या) २. क्रत्या for (कृत्या)
४. हृतछेदः for (वधछेदः)
(ङ) १. इष्टचरार्धस्य for (अष्टचरार्द्धस्य) ५. विषवुच्छाया for (विषूवच्छाया)
४. युतहृतश्छेदः for (युतवधच्छेदः)
३८. (घ) १. कृतेमूलं (ग्र) भुक्तेमूलं for (कृतेमूलं) २. व्यास (ग) (ङ) for (वास)
३. जिन (ग) (च) (ङ) for (जीन) ४. मर्कः for (मर्क)
५. पदैः (ग) (ङ) for (पादैः)
(ग) ६. लब्धं for (लब्ध)
(च) १. कृते for (कृते) ४. मर्क्कः for (मर्क)
(ङ) १. कृतेमूलं for (कृतेमूलं)
३६. (घ) १. व्या गुणिता (ग) न्या गुणिता for (त्यया भक्ता गुणिता)
(च) १. ज्येष्ठयान्यया गुणिता for (ज्येष्टयात्ययाभक्ता गुणिता)
(ङ) २. विषवुच्छाया for (विषूवच्छाया) १. ऽन्यया for (त्यया)
३. मिष्टच्छायाया for (मिष्टच्छायाया )
४०. (घ) १. चरार्द्धज्या (ग) व्यचरार्द्धज्या for (चरार्द्धर्ज्या)
२. चरदलासूनाँम् (ग) (ङ) for (चरदलश्रुनाम्)
(ग) ३. जयैष्ट for ज्येट्ट
(च) २. चरदलामूनां for (चरदलश्रुनाम्) ३. चेट्ट for (ज्येष्ट)
(ङ) १. चरार्धज्या for (चरार्द्धर्ज्या) ३. ज्येष्ट for (ज्येष्ट)
४. विषवुच्छायेष्ट for (विषुवच्छायेष्ट)
५. विषवुच्छाया for (विषुवच्छाया)