ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंति for (पभृति) (च) २. चलनयां for (वलनाद्या)
Wait, is it प्रभृति? Yes, प्रभृति for (पभृति).
And then (च) २. चलनयां for (वलनाद्या).
Line 32: (ङ) ५. ग्रास for (व्यास) २. वलनज्या for (वलनाद्या)
Line 33: ६. विक्षेपश्चापरतो for (विक्षेपाश्चापरतः) ४. भवति for (प्रभृति) Wait, is there a line 34? No, that's the end.
Let's double-check all line numbers and markers to . The transcription should be faithful, accurate, and completely in pure Devanagari Markdown.( २१८ ) ग्राह्यं परिलिखितैक्यं परिलिखेति ग्रहादिकं तत्र । भूमौ यफलके वा पर्व्वर्तं छद्म(घ)कज्ञः सः ॥ ७ ॥ देशांतरं यथा दृक् प्रग्रहणांतराद्विजानाति । यो रेखातोऽध्वानं पर्व्वैष्टदिनात् स तत्रज्ञः ॥ ८ ॥ योवेति राहुमार्गं तेनेष्टकालमि