भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 638

( २५४ ) भानोराय शवधा² त्रिचतुर्गुणितान्वशोध्यराश्यंशात्³ । नवर्ति¹ दृष्ट्वा सूर्य⁴ कुर्वन्नावत्सराद्गणकः⁵ ॥ ६१ ॥ भावितके³ तद्घातो विनष्ट¹ वर्णेन तत्प्रमाणानि । ऋत्वेष्टानि² तदाहत वर्णाक्यं⁴ भवति रूपाणि⁵ ॥ ६२ ॥ वर्णप्रमाणभावितघातो⁴ भवतीष्ट¹वर्णासंख्यैवम्² । सिध्यति विनापि भावितसमकरणात्³ किंकृतं तदतः⁵ ॥ ६३ ॥ मूलं¹ द्विधेष्ठ³ ⁶वर्गगुण²गुणादियुत⁷विहीनाच्च⁸ । आद्यवधो³ गुणक गुणः संहात्पवातेन⁴ पमंत्यम्⁵ ॥ ६४¹⁰ ॥

६१. (घ) (वि० इस श्लोक की क्रमसंख्या ६२ है) १. नवर्ति (ग) नर्ति for (नवर्ति)
(ग) २. वधात्रि (ङ) for (वधात्रि) ३. राश्यंशान् for (राश्यंशात्)
(च) १. नर्वति for (नवर्ति) ४. दृष्ट्वा (ङ) for (दृष्टवा)
५. (वि०—यहां क्रमसंख्या ६२ अंकित है) (ङ) १. नर्वति for (नवर्ति)
६२. (घ) (वि०—इसकी श्लोकसंख्या ६३ है) १. विनष्टे (च) for (विनष्ट)
२. कृतवेष्टानि (ग) (च) (ङ) for (ऋत्वेष्टानि)
(ग) ३. भाविक यद्धातो for (भावितके तद्घातो)
(च) ५. (वि०—इसकी क्रमसंख्या ६३ अंकित है)
(ङ) ६. यद्घातो for (तद्घातो)
६३. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ६४ है)
(ग) १. भवतीष्ट for (भवतीष्ट) २. संख्यैक्यम् for (संख्यैवम्) ३. काम for (सम)
(च) ४. घातो for (घातो) ५. (वि० इसकी क्रमसंख्या ६४ अंकित है)
६४. (घ) (वि०—इस श्लोक की क्रम संख्या ६५ है)
१. मूलं (ग) for (मूल) २. वर्गाद्गुण (ग) वर्गात् गुणक for (वर्गगुण)
३. आद्य (ग) (च) (ङ) for (आद्यवधो)
४. सहांत्यघातेन (ग) संहृत्य घातेन for (संहात्पवातेन)
५. पमंत्यम् (ग) मन्त्यम् for (पमंत्यम्)
(ग) ३. द्विधेष्ठ for (द्विधेष्ट) ७. गुणादिष्टयुत for (गुणादियुत)
८. विहिनाच्च for (विहीनाच्च) ६. गुण for (गुणः)
(च) २. वर्गाद्गुण for (वर्गगुण) ४. सहांत्यघातेन for (संहांत्यवातेन)
५. पमंत्ययं for (पमंत्यम्) १०. (वि०—इसकी क्रम संख्या ६५ अंकित है)
(ङ) श्री —+ अथ वर्ग प्रकृतिः +
२. वर्गाद् गुणक for (वर्गगुण) ७. गुणादिष्ट for (गुणादि)
४. सहान्त्यघातेन for (संहांत्यवातेन) ५. कृतमन्त्यम् for (पमंत्यम्)