भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 661

( २७७ ) कृत्वा५धोधः कल्पान्ये१ काद्येकोत्तरानधः२ शेषात् । खात्परतां३ तैकमधः प्रस्तारा द्युक्त वदीहाद्यैः४ ॥ १६ ॥ गुरुषष्ट्यैका७ विघटि१ द्विगुणा व्येकांगुलानि८ संख्याद्वा२ । विंशति६ रार्या विंश छंदश्चित्युत्तराध्यायः३ ॥ २० ॥ इत्ति५ ब्रह्म गुप्ते छंद श्चित्युत्तराध्यायः ॥२०॥ अध्यायः समाप्तः विंशतितमः समाप्तः ।

६. (घ) १. कल्पनाका for (कल्पान्येका)
२. धनः (ग) नघस्तेषाम् (ङ) for (नधः शेषात्)
३. खातपतोंत्यैक (ग) खात्परतोत्यैकचमधः for (स्वात्परतो ऽन्यैकचमधः)
४. वदिहाक्षैः (ग) वदेहाद्यैः for (वदीहाद्यैः)
(च) ५. ध्येधः for (धोधः)
१. कल्पनाकेकाद्येकोत्तरानधः for (कल्पान्येकाद्येकोत्तरानधः)
३. परतांत्यैकमधः for (परतांतैकमधः)
४. वदिहाद्यैः for (वदीहाद्यैः)
(ङ) (वि०-इसकी क्रमसंख्या १८ है)
१. कल्पान्येका for (कल्पान्येका) ४. दुक्तवदिहाद्यैः for (द्युक्तवदीहाद्यैः)
२०. (घ) १. विघटी द्विगुणाद्वचे (ग) विघटी for (विघटि) २. स्या (ग) for (द्वा)
३. विशश्छंद (ग) विशच्छंद for (विंशछंद)
४. श्चित्युत्तरोऽध्यायः (ग) (ङ) (श्चित्युत्तरोऽध्यायः)
५. 'इति' से 'समाप्त' तक पाठ उपलब्ध नहीं है । (ग)
(ग) ६. विशति for (विंशति)
(च) १. विघटी for (विघटि) २. संख्याध्या for (संख्याद्वा)
३. श्चित्युत्तराध्यायः for (श्चित्युत्तराध्यायः)
५. 'इति' से 'समाप्त होने तक लुप्त ।
(ङ) (वि०-इसकी क्रससंख्या १६ है)
७. गुरुषष्ट्यैका for (गुरुषष्ट्यैका)
१. निघटीद्विगुणा for (विघटिद्विगुणा)
८. त्येकांगुलानि for (व्येकांगुलानि) २. संख्या स्यात् for (संख्याद्वा)
६. द्राविंशतिरायांणां for (विंशतिरायांविशं)