ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
पृष्ठ 700, कुल 737 में से
संदर्भ में पढ़ेंस्त्रिज्ज्या^२ कर्क व्यासान्तर^३ हृता शोध्या ।
Wait, where is ४? Above हृता in line 4 is ४!
Let's look at line 4:
रविकर्णा द्धृता^१ स्त्रिज्ज्या^२ कर्क व्यासान्तर हृता^४ शोध्या ।
Wait, where is ३? Above कर्क?
Let's see: कर्क has ३ above it?
Above कर्क is ३!
Wait, footnote line 20: ३. व्यासांतराहृता (ग) (च) for (व्यासांतरहृता)
So ३ belongs to व्यासान्तर or कर्क व्यासान्तर? It's right above कर्क व्यासान्तर.
त्रिज्याभूव्यास वधो छशि कर्णा हृतातमो व्यासः ॥ १० ॥
Above वधो छशि कर्णा: there is ५ above छशि कर्णा.
भू व्यासेंदुगति वघात् कर्क व्यासांतराक्र्कभुक्ति वधम् ।
Wait, "वघात्" or "वधात्"? It's वघात् (घ with no top opening, or धा? In old print, ध has a loop, घ doesn't. Here it looks like वघात् or वधात्).