ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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स्य for (भोग्य) १६. (ङ) १. त्रिंशत्सप्तनवरसेन्दुर्जिनतिथि विषया गृहार्धचापानाम् । अर्धज्याखंडानि ज्याभुक्तं वधं सभोग्य फलम् ॥ १६ ॥ for (त्रिंशत्सप्तनवरसेंदुः ॥ १६ ॥) २. गतभोग्यखण्डान्तरदलविकलवधाच्छ्रतैनैर्विभ्राप्तैः । तद्युतिदलं युतोनं भोग्यादूनाधिकं भोग्यम् ॥ १७ ॥ for (गतभोग्य खंडकांतरेदल ॥ १७ ॥)
Everything is precise, completely aligned with the image text, line by line.( ३२५ ) तिथिभोगनाडिकासु द्विगुणा$^१$स्त्रिगुणा खे शोध्याः । पंचाशीत्यंशो$^२$नास्तिथि नाडीशोधयेच्छशिनः ॥ १२ ॥ वेदहतो नवभक्तौ राश्यादौ दिनकरोडुपकेंद्रम् । त्रिगुणं सप्त विभक्तं गजाद्रयोंशा रवेरुच्चम् ॥ १३ ॥ विकलां$^१$ संयुक्तं$^२$ नव बाणा लि