भारतकोश
बृहदारण्यकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

बृहदारण्यकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Brihadaranyaka Upanishad with Shankara Bhashya

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,402 पृष्ठ

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मन्त्रप्रतीकानिअ०ब्रा०मं०पृष्ठ
स वा एष महानज आत्माजरो...२५११२४
स वा...आत्मान्नादो ...२४११२२
स वा...आत्मा योऽयं ...२२१०६३
स वै नैव रेमे तस्मादेकाकी न रमते१७५
स वै वाचमेव प्रथमामत्यवहत्सा...१२१२८
स ह प्रजापतिरीक्षांचक्रे ...१३३६
स होवाच गार्ग्यो य एवायमग्नौ...४१३
स होवाच...एवायमप्सु ...४१४
स होवाच...एवायमाकाशे ...४११
स होवाच...एवायमात्मनि ...१३४१८
स होवाच...एवायमादर्शे ...४१४
स होवाच...एवायं छायामयः ...१२४१७
स होवाच...दिक्षु ...११४१६
स होवाच...यन्तं ...१०४१५
स होवाच...वायौ ...४१२
स होवाच...एवासावादित्ये ...४०६
स होवाच...चन्द्रे ...४०६
स होवाच...विद्युति ...४१०
स होवाच तथा नस्त्वं गौतम ...१२८७
स होवाच...तात ...१२८१
स होवाच दैवेषु वै ...१२८४
स होवाच न वा अरे पत्युः कामाय५४८
स होवाच...पत्युः ...११३२
स होवाच प्रतिज्ञातो ...१२८३
स होवाच महिमान ...७८७
स होवाच यदूर्ध्वं गार्गि...आकाश एव ३७६४
स होवाच...आकाशे तदोतं ...७६२
स होवाच याज्ञवल्क्यः प्रिया बतारे५४७
स होवाच...वै खलु ...११३१
स होवाच वायुर्वै गौतम ...७४६
स होवाच विज्ञायते ...१२८४
स होवाचाजातशत्रुः प्रतिलोमं ...१५४२१
स होवाचाजातशत्रुरेतावन्नू ३ ...१४४१६
स होवाचाजातशत्रुर्यत्रैष...पुरुषःक्वौष१६४३६
स होवाचा...पुरुषस्तदेषां ...१७४३६
स होवाचैतद्वै तदक्षरं ...७६६