बृहदारण्यकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

बृहदारण्यकोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)
Brihadaranyaka Upanishad with Shankara Bhashya
आदि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished1,402 पृष्ठ
पृष्ठ 1395, कुल 1402 में से
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( १३७६ )
| मन्त्रप्रतीकानि | अ० | ब्रा० | मं० | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|
| स वा एष महानज आत्माजरो... | ४ | ४ | २५ | ११२४ |
| स वा...आत्मान्नादो ... | ४ | ४ | २४ | ११२२ |
| स वा...आत्मा योऽयं ... | ४ | ४ | २२ | १०६३ |
| स वै नैव रेमे तस्मादेकाकी न रमते | १ | ४ | ३ | १७५ |
| स वै वाचमेव प्रथमामत्यवहत्सा... | १ | ३ | १२ | १२८ |
| स ह प्रजापतिरीक्षांचक्रे ... | ६ | ४ | २ | १३३६ |
| स होवाच गार्ग्यो य एवायमग्नौ... | २ | १ | ७ | ४१३ |
| स होवाच...एवायमप्सु ... | २ | १ | ८ | ४१४ |
| स होवाच...एवायमाकाशे ... | २ | १ | ५ | ४११ |
| स होवाच...एवायमात्मनि ... | २ | १ | १३ | ४१८ |
| स होवाच...एवायमादर्शे ... | २ | १ | ६ | ४१४ |
| स होवाच...एवायं छायामयः ... | २ | १ | १२ | ४१७ |
| स होवाच...दिक्षु ... | २ | १ | ११ | ४१६ |
| स होवाच...यन्तं ... | २ | १ | १० | ४१५ |
| स होवाच...वायौ ... | २ | १ | ६ | ४१२ |
| स होवाच...एवासावादित्ये ... | २ | १ | २ | ४०६ |
| स होवाच...चन्द्रे ... | २ | १ | ३ | ४०६ |
| स होवाच...विद्युति ... | २ | १ | ४ | ४१० |
| स होवाच तथा नस्त्वं गौतम ... | ६ | २ | ८ | १२८७ |
| स होवाच...तात ... | ६ | २ | ४ | १२८१ |
| स होवाच दैवेषु वै ... | ६ | २ | ६ | १२८४ |
| स होवाच न वा अरे पत्युः कामाय | २ | ४ | ५ | ५४८ |
| स होवाच...पत्युः ... | ४ | ५ | ६ | ११३२ |
| स होवाच प्रतिज्ञातो ... | ६ | २ | ५ | १२८३ |
| स होवाच महिमान ... | ३ | ९ | २ | ७८७ |
| स होवाच यदूर्ध्वं गार्गि...आकाश एव ३ | ८ | ७ | ७६४ | |
| स होवाच...आकाशे तदोतं ... | ३ | ८ | ४ | ७६२ |
| स होवाच याज्ञवल्क्यः प्रिया बतारे | २ | ४ | ४ | ५४७ |
| स होवाच...वै खलु ... | ४ | ५ | ५ | ११३१ |
| स होवाच वायुर्वै गौतम ... | ३ | ७ | २ | ७४६ |
| स होवाच विज्ञायते ... | ६ | २ | ७ | १२८४ |
| स होवाचाजातशत्रुः प्रतिलोमं ... | २ | १ | १५ | ४२१ |
| स होवाचाजातशत्रुरेतावन्नू ३ ... | २ | १ | १४ | ४१६ |
| स होवाचाजातशत्रुर्यत्रैष...पुरुषःक्वौष | २ | १ | १६ | ४३६ |
| स होवाचा...पुरुषस्तदेषां ... | २ | १ | १७ | ४३६ |
| स होवाचैतद्वै तदक्षरं ... | ३ | ८ | ८ | ७६६ |