भारतकोश
बृहन्नारदीय पुराण (संस्कृत मूल व हिन्दी व्याख्या)

बृहन्नारदीय पुराण (संस्कृत मूल व हिन्दी व्याख्या)

Brihan Naradiya Purana with Sanskrit & Hindi Commentary

महर्षि व्यास द्वारा

स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,008 पृष्ठ

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( ६ ) अध्याय विषय पृष्ठ संख्या ३० प्रायश्चित्त विधि का निरूपण १८४ ३१ यमदूतों के कृत्य का वर्णन १६७ ३२ भवाटवी का वर्णन २०२ ३३ योग-निरूपण २०६ ३४ हरिभक्त के लक्षणों का निरूपण २२० ३५ ज्ञान का निरूपण २२५ ३६ यज्ञमाली और सुमाली को उत्तम लोक की प्राप्ति २३१ ३७ विष्णु का माहात्म्य वर्णन २३५ ३८ विष्णु-माहात्म्य-वर्णन २४० ३६ विष्णु-माहात्म्य वर्णन २४६ ४० विष्णु-माहात्म्य-वर्णन २५१ • ४१ विष्णु-माहात्म्य-वर्णन २५६ ४२ सृष्टि-वर्णन २६५ ४३ जीव की गति और द्विज का आचार-निरूपण २७४ ४४ ध्यानयोग-निरूपण २८७ ४५ पञ्चशिख का राजा जनक को उपदेश २९५ ४६ विविध तापों से छूटने के उपाय आदि का प्रतिपादन ३०२ ४७ मुक्तिप्रद योग का वर्णन ३११ ४८ ज्ञान-चर्चा-प्रसंग में राजा भरत का उपाख्यान ३१७ ४९ परमार्थ का निरूपण ३२५ ५० शिक्षा निरूपण ३३३ ५१ वेद के द्वितीय अंग कल्प, गणेश-पूजन, ग्रह शान्ति तथा श्राद्ध का निरूपण ३५४ ५२ व्याकरण शास्त्र का वर्णन ३६६ ५३ निरुक्त निरूपण ३७४ ५४ ज्योतिष वर्णन ३८० ५५ त्रिस्कन्ध ज्योतिष का जातक स्कन्ध ४०० ५६ त्रिस्कन्ध ज्योतिष का संहिता प्रकरण (विविध उपयोगी विषयों का वर्णन) ४४१ ५७ छन्दः शास्त्र का संक्षिप्त परिचय ५०९ ५८ शुक का इतिहास निरूपण ५११ ५६ अध्यात्मतत्त्व का निरूपण ५१७ ६० सनत्कुमार का शुक को ज्ञानोपदेश ५२१ ६१ सनत्कुमार का शुक को ज्ञानोपदेश ५२८ ६२ मोक्ष-धर्म का निरूपण ५३४ ६३ तृतीयपाद में पाशुपत दर्शनतत्त्व निरूपण ५४० ६४ दीक्षा विधि का निरूपण ५४९