बार्हस्पत्य सूत्र / अर्थशास्त्र (महर्षि बृहस्पति - प्राचीन दण्डनीति, राजधर्म एवं कूटनीति सटीक)

बार्हस्पत्य सूत्र / अर्थशास्त्र (महर्षि बृहस्पति - प्राचीन दण्डनीति, राजधर्म एवं कूटनीति सटीक)
Brihaspati Sutra or Barhaspatya Rajanitishastra with Commentary
महर्षि बृहस्पति (सम्पादक: डॉ. एफ. डब्ल्यू. थॉमस) द्वारा
DevanagariHindipublished100 पृष्ठ
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( ३ ) मलय ३।८६॥ | शार्दूल ३।१२२॥ मव्य ३।१२२॥ | शिव-क्षेत्र ३।१२२॥ मालव ३।६३॥ | शिव-सरस्वती ३।१२२॥ महेन्द्र ३।११४,१२२,१३२॥ | श्रीपर्वत ३ ८१,१०६॥ मेरु ३।६६॥ | श्रीशैल ३।१२३॥ यादव ३।१०४॥ | शृङ्गार ३।६७,१२०॥ रामे-यमुना ३।१२२॥ | सरस्वती ३।८८॥ रैवतक ३।८१,१११,१३१॥ | सह्य ३।८१,८६,१०६,१३०॥ लाट ३।८६॥ | सिद्ध ३।६७॥ वङ्ग ३।१०८॥ | सिन्धु ३।१०३॥ वरुण ३।८८॥ | सिंह ३।१२०॥ विदर्भ ३।६५॥ | सुराष्ट्र ३।१०१॥ विदेह ३।६६॥ | सृञ्जय ३।६१॥ विन्ध्य ३।८१,११२,१२८॥ | सैह्य ३।६३॥ विश्वामित्र ३.८६॥ | सौवीर ३।१०४॥ शक ३।१०१॥ | हिमवत् ३।७०॥ शकुन्त ३।६३॥ | हूण ३।१०३॥ शालग्राम ३।८०,१२०॥ |