बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)
Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary
महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंआयुर्दायाध्यायः २६९ इनमें दो समान बली हों तो दोनों के आयु का योगार्ध मुख्य आयु होती है। यदि तीनों समान बली हों तो तीनों के आययोग का तृतीयांश स्पष्टायु होती है।।१४।। अथ नानाजातीयमायुः— गृध्रोलूकशुकध्वाङ्क्षसर्पाणां च सहस्रकम्। श्येनवानरभल्लूकमण्डूकानां शतत्रयम् ।।१५।। गिद्ध-उल्लू-शुक-कौआ और सर्पों की एक हजार वर्ष की आयु होती है। बटेर-वानर-भालू-मेढक की तीन सौ वर्ष की आयु होती है।।१५।। पञ्चाशदुत्तरशतं राक्षसानां प्रकीर्त्तितम्। नराणां कुञ्जराणां च विंशोत्तरशतं विदुः ।।१६।। राक्षसों की १५० वर्ष की आयु होती है। मनुष्य और हाथियों की १२० वर्ष की आयु होती है।।१६।। द्वात्रिंशदायुरश्वानां पञ्चविंशत् खरोष्ट्रयोः। वृषमाहिषयोश्चैव चतुर्विंशतिवत्सराः ।।१७।। घोड़ों की ३२ वर्ष की आयु होती है। गधा और ऊँट की २५ वर्ष की आयु होती है। बैल और भैंसा की आयु २४ वर्ष की होती है।।१७।। विंशत्यायुर्मयूराणां छागादीनां च षोडश। हंसस्य पञ्चनवकं पिकानां द्वादशाब्दकाः ।।१८।। मोर की २० वर्ष की आयु होती है। बकरा आदि की १६ वर्ष की आयु होती है। हंस की १४ वर्ष की आयु होती है। कोकिल और कबूतर की १२ वर्ष की आयु होती है।।१८।। तद्वत्पारावतानाञ्च कुक्कुटस्याष्टवत्सराः। बुद्बुदानामण्डजानां सप्तसङ्ख्याः समाःस्मृताः ।।१९।। मुर्गों की ८ वर्ष आयु होती है। बुलबुलों की ७ वर्ष की आयु होती है।।१९।। अथान्यत्सम्प्रवक्ष्यामि आयुर्दायगतिं तव। यस्य विज्ञानमात्रेण कालज्ञो भवति ध्रुवम् ।।२०।। अन्य रीति से आयु जानने की रीति कह रहा हूँ, जिसके जान लेने से मनुष्य कालज्ञ हो जाता है।।२०।।