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बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)

बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)

Brihat Samhita of Varahamihira with Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर / डॉ. सुरेशचन्द्र शास्त्री द्वारा

DevanagariHindipublished1,105 पृष्ठ

पृष्ठ 823, कुल 1105 में से

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पृष्ठ 823

2 Adhyaya Sloka | Adhyaya Sloka अथ पूर्वस्यां xiv 5 | अन्धत्वमूर्च्छे lviii 52 अथ मधुर xlv 4 | अङ्गं जगतः xxi 1 अथवा कुशमपि cvi 3 | अन्नैः क्षीरघृतोत्कटैः cv 8 अथवाञ्जन xxiv 16 | अन्यजन्मान्तर lxxxvi 5 अथवा समुद्रतीरे xlviii 12 | अन्यप्रतिरुता xc 8 अथवा स्पृशति l 10 | अन्यत्तौ xlvi 40 अथाङ्गान्यूर्वोष्ठ li 8 | अन्यानपि xi 36 अथाप्रशस्ताः lxv 10 | अन्येन lxxix 15 अधिराज्या xlviii 85 | अन्येनात्राक्रान्ते ix 13 अध्यक्षाधिकृतानां liii 9 | अन्येषांतु lxxiii 6 अध्यर्धहस्त lxxii 3 | अन्येषामुष्णान्नं lxxiii 5 अनभिहत xlvi 61 | अन्यैश्चकुम्भै xxiv 27 अनलभय viii 17 | अन्योन्य xcv 43 अनवरत xxxviii 5 | अपचारेण xlvi 2 अनिमित्तभङ्ग xlvi 8 | अपरस्यांचल xi 33 अनिमित्तसंहतै xcv 8 | अपरस्यां दिशि lxxxvii 23 अनियतचारः v 5 | अपरस्यां मणि xiv 20 अनिलभयं liii 70 | अपरस्यां स्वात्याद्यं ix 22 अनिलोऽनिलेन xxxii 2 | अपरेण xi 49 अनुगच्छति xxiv 32 | अपरे तु lxxxvii 44 अनुलोमगेऽअ xxx 19 | अपरेऽहनि xlviii 23 अनेकवर्णाकृति xxxvi 5 | अपरोन्त liii 34 अनेनैव xlviii 87 | अपसर्पणं xlvi 47 अन्तःपुरं xciii 2 | अपसव्यास्तु lxxxvi 57 अन्तःस्थे li 25 | अपसव्ये xxx 4 अन्तरङ्ग li 27 | अपहरति lxxxi 27 अन्तरचक्रं cvii 11 | अपिकाल civ 46 अन्तरमणि lxxxi 35 | अप्यर्थवस्य ii 4 अन्तर्धाय xlviii 48 | अप्रतिषिद्धा liii 31 अन्तर्वेदी v 65 | अप्रदीपाय ii 9 अन्तेगुरु ciii 12 | अप्रसिद्धं lxxxvi 61

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