भारतकोश
बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)

बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)

Brihat Samhita of Varahamihira with Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर / डॉ. सुरेशचन्द्र शास्त्री द्वारा

DevanagariHindipublished1,105 पृष्ठ

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पृष्ठ 842

21 Adhyaya Sloka | Adhyaya Sloka धनाप्तिं lii 6 | ध्वजातपत्रपर्वत xxx 27 धनिनां श्रुतं lxviii 63 | ध्वनिरुच्चरि xix 13 धनिनोऽग्रवक्र lxviii 62 | न धनुःस्थायी xlvii 16 | नकथंचिदपि v 16 धन्विन्यमात्यवरवाजि v 41 | नक्षत्रग्रहघातै xxxiii 17 धर्मेस्थिता ciii 9 | नक्षत्रजमुद्वाहे xcviii 3 धर्म्यं यशस्यं च liv 1 | नक्षत्रत्रय xiv 1 धात्रीघना xlviii 17 | नक्षत्राणां तारकाः xlvii 10 धात्रीफलानां lxxvi 6 | नक्षत्राणिमुहूर्त्ताश्च xlviii 59 धान्यगोगुरुहु liii 124 | नक्षत्रणसहोदय viii 1 धान्यपरिपूर्णपात्र li 18 | नखतगरतुरुष्कयुता lxxvii 26 धान्यहिरण्यत्वक्फल xlvi 41 | नगरचतुष्पाण्डज xlvi 22 धारणवर्णणरोहिणि cvii 4 | नगरद्वार ii 17 धिष्ण्याकृशालपुच्छा xxxiii 6 | नगोत्तर xliv 3 धीवरशाकुनिकानां lxxxvii 34 | नग्राम्यवर्णैर्मल lxxviii 14 धूपाज्याहुतिमाल्यैः xlviii 32 | नग्राम्योरण्य lxxxvi 24 धूमाकुलीकृताशे xxxii 9 | नतत्सस्रंकरिणां ii 20 धूमाकुलो lx 13 | नतथेच्छतिभूपतेः ii 22 धूमामेऽनावृष्टिः viii 18 | नतुभाद्रपदेग्राह्याः lxxxvi 27 धूमावृते शिखिभयं xliii 65 | नदतिमहीगम्भीरं liv 54 धूमोऽनग्नि xlvi 21 | नदिनत्रयं lxxviii 21 ध्रुवकेतुरनियतगति xi 41 | ननखदशन lxxviii 26 ,,वनायकोपदेशान्नरि xiii 2 | नन्दनोथविजयो viii 38 ,,वमृदुमूल lv 31 | नन्द्यावर्त्तमलिन्दैः liii 32 ,,वसौम्येष्वनृपाणा xxxiii 19 | नपुंसकाख्यं li 10 ध्वजकुंभहये xliii 35 | नपृथक्फलानितेषां iii 11 ध्वजचापनिमेयुद्धा iii 32 | नप्रतिबद्धं ii 1 ध्वजझषगिरिकरि xxxiii 10 | नभःप्रसन्नं xxxi 5 ध्वजपरिमाणत्र्यंशः xliii 50 | नमतेयन्नधरित्री liv 93 ध्वजशस्त्र xi 4 | नमित्रभावे ix 39 6