बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)
Brihat Samhita of Varahamihira with Hindi Commentary
आचार्य वराहमिहिर / डॉ. सुरेशचन्द्र शास्त्री द्वारा
पृष्ठ 849, कुल 1105 में से
संदर्भ में पढ़ें28 Adhyaya Sloka | Adhyaya Sloka फलनाशे lv 16 | बुद्ध्वादेवविकारं xlvi 15 फलमास xc 10 | बृहस्पतेरुत्तरगे xviii 4 फाल्गुनमासे xxi 21 | बृहस्पतौहन्तिपुरः ix 42 फाल्गुनवर्षे viii 7 | ब्रह्मणोदुहितासित्त्व xxvi 5 फाल्गुनशुक्ल xxi 11 | ब्रह्मपुरदार्बडामर xiv 30 फुल्लतीरद्रुमोत्तंसाः lvi 7 | ब्रह्मसुतएक xi 15 फेणगिरियवन xiv 18 | ब्रह्माकमण्डलु lviii 41 फेण्टकस्य lxxxviii 31 | ब्रह्माणमूर्बुरमरा xliii 1 | ब्राह्मणान् xlvi 65 ब | ब्राह्मणाः lxxiv 8 बदरीरोहित liv 72 | ब्राह्मीं क्षेमामजां xlviii 41 बन्धघातभयानिस्युः lxxxvi 67 | ब्राह्मोद्विजपशुवृद्धि v 20 बन्धंव्याधि civ 30 | ब्रूयादर्घविशेषात् xlii 2 बन्धःसूकरसंस्थे xcv 47 | भ बन्धुजीव lxx 6 | बन्धूकपुष्पाञ्जन xxx 15 | भक्ष्यपानखलि xciii 9 बलदेवपट्टनं xiv 16 | ,,क्ष्यैरन्नैश्चविविधैः xlviii 28 बलदेवोहलपाणि lviii 36 | ,,क्ष्यैर्नाना liii 99 बबबालव c 1 | ,,गवतिजलधर xliv 1 बर्हिपुच्छरूपिणी xxxiii 26 | ,,गवन्नामम xxxii 4 बहिर्लोम्ना lxxiv 13 | ,,ङ्कत्वाकाण्डं lxxv 2 बहुभुक्परदार ci 2 | ,,चतुष्टयमार्द्राद्यं ix 12 बहुभृत्यधनो ci 6 | ,,द्रपदाद्वय xxi 28 बहुमूलविषमकपिलाः lxviii 82 | ,,द्रपदामुभयं lxxi 7 बहुलास्थेबीड्यन्ते x 4 | ,,द्रस्यवर्णो lxvii 5 बहुविहगालय xliii 14 | ,,द्रारिमेद xlv 2 बहुसंस्थानाः lxxxi 3 | ,,द्रासनमे xlviii 46 बान्धनशाकुनि xvi 33 | ,,द्यंचशय्या lxxxix 20 बाश्याद्विपदाः liii 50 | ,,रणीपूर्वे ix 10 बिल्वोदुम्बरयोगे liv 18 | ,,वकेतुरेकपात्रंदृश्यः xi 47 बिभ्राणस्कररुहे lviii 47 | ,,वतिधरणिजे civ 13