भारतकोश
बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)

बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)

Brihat Samhita of Varahamihira with Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर / डॉ. सुरेशचन्द्र शास्त्री द्वारा

DevanagariHindipublished1,105 पृष्ठ

पृष्ठ 858, कुल 1105 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 858

37 Adhyaya Sloka | Adhyaya Sloka वापीदेवकुलाद्यै lxviii 49 | वाहनशास्त्रो xcv 14 वामदक्षिणगौशस्तौ lxxxvi 51 | वाहिनीं xlvii 25 वामंजिघ्रेज्जानु lxxxix 11 | विकचानामगुरुसुताः xi 19 वामःप्रतिलोम xcv 28 | विकसित xxiv 14 वामसव्यगतोमध्यः lxxxvi 72 | विकृतकुसुमफलं xlvi 36 वामस्तुकुक्षिमेदो v 85 | विगतघनेवा xxiv 22 वामावर्तैर्वामे lxi 13 | विघ्नकरोनवमः civ 23 वामावर्तो lxxxiv 1 | विचरति lxv 5 वामेथाष्टभुजायाः lviii 39 | विचरन्भद्वय viii 16 वामेनहरिद्रतरो liv 45 | विचरन्मघादि ix 14 वामेवाशित्वादौ xcv 26 | विचरन्श्रवण vii 2 वामैश्चपादै xciii 10 | विच्छिन्नविषम xxx 9 वायव्यं lxxx 10 | विच्छिन्नामिश्रा lxviii 76 वायव्याच्चतृतीये lxxxvii 13 | वितथोबृहत्क्षतयुतः liii 53 वायव्येफेनक lxxxvii 12 | वित्ताप्तिर्निर्वाणं l 19 वायव्येभूकम्पे xxxii 10 | विदारिकायाः lxxvi 5 वायव्येष्वेणु xlvi 64 | विदिगुद्भूतं xxxv 4 वायव्योत्थैर्वातवृष्टिः xxiv 24 | विदिकस्थः lxxxvi 70 वायुग्रस्तविनाशः lxxxvii 37 | विद्युत्सत्वत्रासं xxxiii 5 वारुणपौरन्दरयोः xxxii 29 | विधिनानेनै xl 12 वारुणमबला lxxx 9 | विद्धिभद्रे lxxxviii 42 वारुणमर्णव xxxii 22 | विनिक्षिपन्त्यः xcv 59 वारुणमवनीशा v 22 | विनोपघातेन xxviii 7 वारुण्यामर्णवजात lxxxvii 10 | विन्ध्याच्चसिन्धु xxix 9 वार्त्ताजगत्यवितथा xix 11 | विपुलविमलमूर्तिः vi 13 वाह्लभ्यमायाति lxxv 6 | विपुलामपि civ 64 वासगृहाणि liii 70 | विपुलाः xxi 17 वासराणि lv 19 | विप्रक्षत्रियविद् xxxiv 19 वास्तुज्ञानमथातः liii 1 | विप्रमतादथ lxxi 14 वास्तुनियोविस्तारः liii 11 | विप्रयोगमुरसि li 12 वाहनलाभोऽश्व xcv 48 | विप्रादीनांव्यासात् liii 25 10