बृहत्संहिता (आचार्य वराहमिहिर - स्थापत्य, खगोल, मौसम व जल विज्ञान)
Brihat Samhita of Varahamihira with Hindi Commentary
आचार्य वराहमिहिर / डॉ. सुरेशचन्द्र शास्त्री द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें40 Adhyaya Sloka Adhyaya Sloka शाक्योपाध्याया li 21 | शीतवातातपै lv 14 ,,क्रेयुगे viii 33 | ,,तानिलतुषारत्वं xlvi 92 ,,खामङ्गेऽकस्मा xlvi 25 | ,,तोष्णविपर्यासः xcvii 4 ,,तकुम्भसदृशः xii 21 | ,,तोष्णविपर्यासोत्थो xlvi 39 ,,न्तपक्षि xxiv 12 | शुककपोत xxviii 11 ,,न्तःपञ्चमदीप्ते lxxxvi 71 | ,,कदहनबन्धु xi 11 ,,न्तात्मासुभगः ci 5 | ,,कवंशपत्र lxxxiii 1 ,,न्तात्ववर्णा xc 14 | ,,किविशालैरा lxviii 71 ,,न्तामैन्द्री xcv 20 | ,,क्रःसस्यविमर्दे v 61 ,,न्तासुदिक्षु lxxxvii 29 | ,,क्केद्वितीय civ 33 ,,न्तिराष्ट्र xliv 21 | ,,केबृहस्पति xvii 21 ,,म्बश्वगदाहस्तः lviii 40 | ,,क्वविपुलैकतारा xi 28 ,,र्दूलेहंस lxviii 115 | ,,क्नुश्चतुर्विषाणो lviii 42 ,,लात्रिभाग liii 20 | ,,क्तःसमःसुगन्धिः lxxix 26 ,,लीक्षुमल्पायि xix 16 | ,,क्तःसमःसुगन्धिः xciv 7 ,,लेनकलमशालीरक्ता xxix 2 | ,,क्ताःकरा xxx 11 ,,लेश्वकर्णे च lxxxv 7 | ,,क्तारकापीता xxxiii 14 ,,स्त्रोपनयः cvii 1 | ,,क्तेपक्षेत्सम्प्रवृद्धे iv 31 शिखिगलसमेऽति xxxiv 6 | ,,चिर्भूतवातरीः lv 8 ,,खिगुण xcviii 1 | ,,द्वैर्द्वादशकेन्द्र xcviii 17 ,,खिदिशिमण्डल xcv 4 | ,,क्त्वृजगतः viii 5 ,,खिपर्जन्य liii 43 | ,,भ्रदौतुशाल lxxix 16 ,,खिभयमन ix 44 | ,,भ्रंदशापाक xcv 61 ,,रःसन्धिग्रीवा lii 4 | ,,भ्रमध्येऽलिनि xl 5 ,,रसिस्पृष्टे l 11 | ,,ष्कविरोहेवीर्या xlvi 28 ,,रोल्लट li 42 | शूर्पाकार lxviii 3 ,,ल्पीभिक्षुर्वि lxxxvi 30 | शुक्रेणैकेनेन्दुविलीन iv 17 ,,वाह्यामारला lxxxvi 37 | शेषंमङ्गल्यविहगैः lvi 15 ,,शिरादिषुवर्णाः xxx 22 | शेषांस्तुसार्ववर्णि xlviii 33 शीघ्रमासन्ननिङ्गस्थैः lxxxvi 14 | शैलेयकमंसी xvi 25