चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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११६ टिप्पणी—(२) कटक चलावा—सेना रवाना किया। 'कटक चलि भाषा' अर्थात् कटक (उड़ीसामें एक प्रसिद्ध स्थान) से चलकर आया, पाठ भी सम्भव है। बाहाँ—लोर कथाओंके अनुसार बाहों में लोरकका भाई कँवर जिसे लोककथाओंमें मैवर भी कहा गया है, रहता था और वहाँ उसकी गाय भैंसोंका बाड़ा था। (६) एकसर—अकेला। (७) गोडहिं—गायोंका। (७) बेकरो—(वा वेरन्ना)—किसीके वियोगमें लिपट कर रोना चिल्लाना। ४५३-१ (अनुपलब्ध)