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छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography

कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा

DevanagariHindipublished793 पृष्ठ

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अर्पित किया। यहीं पर आपको सुनाई देगी माँ बहनों की टूटी चूड़ियों की खनक। “चौथी सीढ़ी पर तो बहुत संभाल कर पाँव रखना होगा। वहाँ आपको सन्त तुकाराम की वाणी सुनाई देगी। वहाँ आप ज्ञानेश्वर की सदाबहार विराणी सुन सकेंगे। वहाँ पर समर्थ रामदास के साथ आपको सन्तों का विशाल समूह मिलेगा। “पाँचवीं सीढ़ी पर पहुँच जाने पर आपको लगेगा ऊँची ऊँची चोटियाँ आपकी ओर बड़ी आशा, आस्था और श्रद्धा से टकटकी लगाये देख रही हैं। आधे अधूरे सपनों से बेचैन अतीत बड़ी आशा से आपकी ओर देखेगा। जो घाव अभी भरे नहीं वे आपसे दवा माँगेंगे। आपके हाथ से कुछ मांगलिक और कल्याणप्रद कार्य हो जाय, इसके लिए सूर्य की भोरहरी किरणें दुआ करेंगी। इस प्रकार मेरे सिंहपुरुष बेटे शम्भू ! अतीत, वर्तमान और भविष्य तीनों काल हिरन के बच्चों की तरह आपके कदमों में रेंगते रहेंगे। “इन पाँच सीढ़ियों का ठीक ठीक दर्शन कर लेने के बाद मेरे प्रिय बेटे, तब स्वयं से एक प्रश्न करो। इन असीम जिम्मेदारियों, अनसुलझी समस्याओं के बड़े बड़े गट्ठरों और प्रजा की पर्वताकार आशाओं आकांक्षाओं के भारी बोझ को उठाने का साहस तुम्हारे कलेजे में है या नहीं? यदि आप में यह आत्मविश्वास है तभी उस दृढ़ विश्वास से, यहाँ की मिट्टी के प्रति पूरी निष्ठा के साथ उस पवित्र सिंहासन पर सुख से बैठो। किन्तु अपनी शक्ति और साहस में थोड़ी भी शंका हो तो उस सिंहासन की हवा के लिए भी न रुको। शरीर पर अचला पहनो और संन्यासी बनकर जंगल की ओर चले जाओ।” तीन रायगढ़ पर दशहरा-दीवाली का उत्सवी वातावरण बना था। दो-ढाई वर्ष के बाद शिवाजी महाराज राजधानी में वापस आये थे। इस आनन्द के साथ महाराज ने एक और मांगलिक कार्य की घोषणा की थी। महाराज के छोटे पुत्र राजाराम अब दस वर्ष के हो गये थे। उनका विवाह निश्चित कर दिया गया था। इस समाचार से सभी में असीम उत्साह उमड़ रहा था। मोरोपन्त पेशवा ने हँसते-हँसते अपने दरबारी सहयोगियों से कहा, “महाराज राजाराम का विवाह किसके साथ निश्चित करेंगे? इसकी हम सभी को बड़ी उत्सुकता थी। किन्तु जब उन्होंने प्रताप राव की जानकी सम्भाजी :: 161