भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

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जरणा का अंग www.dadooram.org अथ जरणा का अंग ५ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वंदनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगततः ।। 1 ।। जरणा का स्वरूप को साधु राखै रामधन, गुरु बाइक वचन विचार । गहिला दादू क्यों रहै, मरकत हाथ गँवार ।। 2 ।। जनि खोवै दादू रामधन, हिरदै राखि जनि जाइ । रतन जतन करि राखिये, चिंतामणि चित लाइ ।। 3 ।। दादू मन ही मांहि समझ कर, मन ही मांहि समाइ । मन ही मांहि राखिये, बाहर कहि न जनाइ ।। 4 ।।

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