सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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निष्कर्म पतिव्रता का अंग www.dadooram.org
अथ निष्कर्मी पतिव्रता का अंग ८ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ।। 1 ।। एक तुम्हारे आसरे, दादू इहि विश्वास । राम भरोसा तोर है, नहिं करणी की आस ।। 2 ।। रहणी राजस ऊपजै, करणी आपा होइ । सबथैं दादू निर्मला, सुमिरण लागा सोइ ।। 3 ।। दादू मन अपना लै लीन कर, करणी सब जंजाल । साधू सहजैं निर्मला, आपा मेट संभाल ।। 4 ।।
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