भारतकोश
ध्वन्यालोक (आचार्य आनन्दवर्धन - लोचन टीका एवं आचार्य जगन्नाथ पाठक सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

ध्वन्यालोक (आचार्य आनन्दवर्धन - लोचन टीका एवं आचार्य जगन्नाथ पाठक सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Dhvanyaloka of Anandavardhana with Abhinavagupta Locana and Hindi Commentary

आचार्य आनन्दवर्धन द्वारा

DevanagariHindipublished680 पृष्ठ

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हमारे कतिपय नवीन प्रकाशन शब्दस्तोममहानिधिः—तारानाथ भट्टाचार्य विरचित ४५—०० समयमातृका—डॉ० रमाशंकर त्रिपाठीकृत हिन्दी व्याख्या सहित ५—०० सूक्तिमञ्जरी—आचार्य बलदेव उपाध्याय १०—०० त्रिपुरारहस्यम्–ज्ञानखण्डम् । ‘ज्ञानप्रभा’ हिन्दी व्याख्या सहित १३—०० हिन्दी ब्रह्मसूत्रशाङ्करभाष्य (चतुःसूत्री) आचार्य विश्वेश्वर ६—०० कामकुञ्जलता—पण्डितराज ढुण्ढिराज शास्त्री सम्पादित २५—०० चन्द्रकला नाटिका–विश्वनाथकविराजप्रणीत । ‘प्रभावती’ हिन्दीव्याख्या ८—०० हिन्दी वक्रोक्तिजीवित । व्याख्याकार–श्री राधेश्याम मिश्र १५—०० राजमार्तण्डः—हिन्दी व्याख्या सहित २—५० हिन्दी वैशेषिकदर्शन—(प्रशस्तपादभाष्य सहित) १८—०० व्याकरणमहाभाष्यम्—सप्रदीप हिन्दीव्याख्या १-५ आह्निक १०—०० व्याकरण शास्त्र का संक्षिप्त इतिहास—श्री नाकान्त मिश्र ५—०० शृङ्गाररस का शास्त्रीय विवेचन—डॉ० [ ]ल सिंह १०—०० साहित्य शास्त्रसार—श्री हंसराज अग्रवाल ४—५० भारतीय काव्यशास्त्र के प्रतिनिधि सिद्धान्त—श्री राजवंशसहाय १६—०० महाकवि शूद्रक—(शूद्रक और मृच्छकटिक) डॉ० रमाशङ्कर तिवारी १२-५० औचित्य सम्प्रदाय का हिन्दी-काव्य शास्त्र पर प्रभाव— डॉ० चन्द्रहंस पाठक २५—०० भारतीय इतिहास के स्रोत सिक्के । ई० जे० रैप्सन । अनुवादक–डॉ० रामकुमार राय १४—०० मूल संस्कृत उद्धरण–प्रो० जे म्यूर । (हिन्दी रूपान्तर) १-५ भाग १२५—०० लौकिक संस्कृत साहित्य का संक्षिप्त इतिहास—डॉ० गौरीनाथ शास्त्री । अनुवादक–डॉ० रामकुमार राय १०—०० विष्णुपुराण का भारत—डॉ० सर्वानन्द पाठक २०—०० विद्यापरिणयनम्—आनन्दराय मखि विरचित । ‘प्रकाश’ हिन्दी टीका ५—०० वैदिक योगसूत्र—श्री हरिशंकर जोशी २२—०० शुक्रनीतिः—विद्योतिनी हिन्दी व्याख्या भू० पण्डितराज राजेश्वर शास्त्री १२-५० स्वतन्त्र कलाशास्त्र—(प्र० भाग भारतीय) डॉ० कान्तिचन्द्र पाण्डेय ३५-०० हिन्दी सहृदयानन्द—कृष्णानन्द प्रणीत । व्याख्याकार-वाचस्पति द्वि० ६—०० धर्मसिन्धुः—‘धर्मदीपिका’ हिन्दी टीका ‘सुधा’ टिप्पणी सहित । २५—०० याज्ञवल्क्यस्मृतिः— ‘मिताक्षरा’ तथा ‘प्रकाश’ संस्कृत हिन्दी टीका २०—०० प्राप्तिस्थानम्—चौखम्बा विद्याभवन, चौक, वाराणसी-१