गदनिग्रह (आचार्य सोढल - कायचिकित्सा एवं रोग-विनिश्चय सटीक)

गदनिग्रह (आचार्य सोढल - कायचिकित्सा एवं रोग-विनिश्चय सटीक)
Gadanigraha of Acharya Sodhala with Commentary
आचार्य सोढल द्वारा
DevanagariHindipublished286 पृष्ठ
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| विषयः | पृ. | पं. | विषयः | पृ. | पं. |
|---|---|---|---|---|---|
| कुष्ठे खदिरासवः | १७५ | १८ | ज्वरे धान्यकाद्यरिष्टः | १९१ | १६ |
| ,, द्वितीयः खदिरारिष्टः | १७६ | ६ | धातुक्षये लवङ्गासवः | ,, | २५ |
| क्षयरोगे बब्बूल्यासवः | ,, | १५ | विद्रधौ वरुणासवः | १९२ | १६ |
| ,, पुष्करमूलासवः | ,, | २३ | प्लीहरोगे रोहीतकासवः | १९३ | १८ |
| ,, माचिकासवः | १७७ | १० | शोषादौ गण्डीरासवः | १९४ | ५ |
| शोफे पुनर्नवासवः | ,, | २० | प्लीहरोगे रोहीतकासवः | १९५ | ४ |
| ,, त्रिफलारिष्टः | १७८ | ४ | क्षये योगराजासवः | ,, | ११ |
| सर्वशोफे वासकासवः | ,, | ८ | अशोरोगे पील्वासवः | १९६ | ८ |
| अर्शस्सु शर्करासवः | ,, | १६ | प्रमेहे मध्वासवः | ,, | १५ |
| ग्रहण्यां द्राक्षासवः | १७९ | २ | पाण्डुरोगे लोहासवः | ,, | २१ |
| अर्शसि द्वितीयो ,, | ,, | १६ | प्रयोगखण्डस्य परिशिष्टम् । | ||
| ग्रहण्यां बीजकासवः | १८० | २ | परिशिष्टे घृताधिकारः प्रथमः । | ||
| अर्शसि पील्वासवः | ,, | १२ | रक्तपित्ते कटुकाद्यं घृतम् | १९७ | ११ |
| रक्तपित्ते उशीरासवः | ,, | २१ | गुल्मे दाधिकं ,, | ,, | १८ |
| श्वासकासयोस्त्रायमाणा- | ,, लशुनघृतम् | १९८ | २२ | ||
| सवः | १८१ | ५ | ,, महाषट्पलं घृतम् | १९९ | २ |
| गुल्मे चविकासवः | ,, | १६ | उन्मादे कल्याणकं ,, | ,, | १५ |
| ग्रहण्यां मूलासवः | १८२ | ४ | उन्मादे द्वितीयं कल्याणकं | ||
| क्षयरोगे बृहन्मूलासवः | ,, | १३ | घृतम् | २०० | ५ |
| धातुक्षये भृङ्गराजासवः | १८३ | ६ | ,, तृतीयं ,, ,, | ,, | १३ |
| भगन्दरे गुग्गुल्वासवः | ,, | १५ | ,, महाकल्याणकं ,, | ,, | २५ |
| अर्शस्सु ताम्बूलासवः | १८४ | ८ | विसर्पे महागौरं ,, | २०१ | ४ |
| अपस्मारे पञ्चमूत्रासवः | ,, | २६ | मेधावृद्ध्यर्थे सप्ताङ्गं ,, | ,, | २० |
| धातुक्षये हरीतक्यासवः | १८५ | ८ | ,, अष्टाङ्गं ,, | ,, | २५ |
| दद्रौ आवर्तक्याद्यासवः | १८६ | १३ | बालग्रहे फलघृतम् | २०२ | ८ |
| क्षये दशमूलासवः | ,, | १८ | चातुर्थकज्वरे महापैशाचकं | ||
| राजयक्ष्मणि खर्जूरासवः | १८७ | २६ | घृतम् | ,, | १५ |
| ग्रहण्यां मस्त्यासवः | १८८ | १८ | शोषे जीवन्त्याद्यं ,, | ,, | २४ |
| ज्वरे कुब्जकासवः | १८९ | ५ | कुष्ठे महातिक्तकं ,, | २०३ | ४ |
| धातुक्षये नालिकेरासवः | ,, | १५ | वातव्याधौ दशमू- | ||
| ,, कूष्माण्डासवः | ,, | २७ | लाद्यं ,, | ,, | २१ |
| ,, रसायनारिष्टः | १९० | २६ | कासे बृहत्कण्टकारीघृतम् | २०४ | २ |