गौतम धर्मसूत्र (हिन्दी व्याख्या सहित)

गौतम धर्मसूत्र (हिन्दी व्याख्या सहित)
Gautama Dharmasutra Hindi
महर्षि गौतम द्वारा
स्रोत: Gautama Dharmasutram with Hindi Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished360 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 55
( २ )
| उपनीत के लिये होम और भिक्षाचरण का विधान | १९ |
| सत्यभाषण का आदेश ... | १९ |
| स्नान का आचार ... | १९ |
| संध्योपासन की विधि ... | १९ |
| सूर्य को देखने का निषेध ... | २० |
| त्याज्य वस्तुयें तथा सुख ... | २१ |
| गुरु के निकट बैठने का आचार ... | २१ |
| जुआ, निम्नकोटि की सेवावृत्ति और हिंसा का त्याग | २२ |
| आचार्य आदि का नाम लेने का निषेध ... | २२ |
| अश्लील तथा कष्टकारी वचन एवं मादक द्रव्य का त्याग | २२ |
| गुरु के निकट सोने का नियम ... | २२ |
| गुरुकुल में निवास के नियम ... | २३ |
| गुरु के पारिवारिक जनों के साथ व्यवहार ... | २५ |
| यात्रा से वापस आने पर गुरु के चरण छूने का विधान | २५ |
| भिक्षा के विषय में नियम ... | २६ |
| भोजन करने का ढंग ... | २७ |
| शिष्य को दण्ड देने का नियम ... | २७ |
| गुरुकुल में निवास की अवधि ... | २८ |
| आचार्य की श्रेष्ठता ... | २९ |
तृतीय अध्याय
| आश्रम का विधान ... | ३० |
| गृहस्थाश्रम का महत्त्व ... | ३१ |
| नैष्ठिक ब्रह्मचारी ... | ३१ |
| संन्यासी के द्रव्य-संग्रह का निषेध ... | ३२ |
| संन्यासी के नियम ... | ३२ |
| संन्यासी के लिये भिक्षा का नियम ... | ३३ |
| वाणी, नेत्र और कर्म का संयम ... | ३३ |
| कौपीनधारण का आदेश ... | ३३ |
| स्वतः गिरे हुए फल आदि का भोजन ... | ३४ |
| ग्राम में निवास का नियम ... | ३४ |
| प्राणियों के प्रति दया ... | ३५ |