गौतम धर्मसूत्र (हिन्दी व्याख्या सहित)

गौतम धर्मसूत्र (हिन्दी व्याख्या सहित)
Gautama Dharmasutra Hindi
महर्षि गौतम द्वारा
स्रोत: Gautama Dharmasutram with Hindi Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished360 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 65
( १२ )
| कृच्छ्रातिकृच्छ्र का स्वरूप | ... | २६७ |
| कृच्छ्र इत्यादि के आचरण का फल | ... | २६७ |
नवम अध्याय
| चान्द्रायण की विधि | ... | २६९ |
| चान्द्रायण का फल | ... | २७२ |
दशम अध्याय
| सम्पत्ति का बंटवारा | ... | २७५ |
| पिता के बाद और जीवन काल में विभाजन | ... | २७५ |
| पशुओं के विभाजन के विषय में विशेषता | ... | २७६ |
| उसका अपवाद | ... | २७७ |
| अनेक माताओं वालों के बीच बंटवारा का ढंग | ... | २७७ |
| ज्येष्ठ पुत्र को बड़े बैल की अतिरिक्त प्राप्ति | ... | २७९ |
| पुत्र न होने पर सम्पत्ति के उत्तराधिकार का विचार | २७९ | |
| स्त्रीधन | ... | २८१ |
| बंटवारे के बाद मृत भ्राता के धन का विभाजन | ... | २८२ |
| विना बंटवारे के मरे हुए भ्राताओं के विभाजनका प्रकार | २८२ | |
| बंटवारे के बाद उत्पन्न पुत्र का हिस्सा | ... | २८३ |
| मूर्ख भ्राता के लिये विभाजन की व्यवस्था | ... | २८४ |
| औरस आदि छः प्रकार के पुत्र का उत्तराधिकार | २८५ | |
| असवर्ण पुत्र का विभाग | ... | २८७ |
| अन्याय का आचरण करने वाले सवर्ण पुत्र के लिये भी विभाग का अभाव | ... | २८८ |
| विना पुत्र वाले ब्राह्मण का विभाग | ... | २८९ |
| विना पुत्र वाले क्षत्रिय का विभाग | ... | २८९ |
| मन्दबुद्धि और नपुंसक का पालनपोषण | २८९ | |
| प्रतिलोम विवाह से उत्पन्न हुओं का विभाग | ... | २८९ |
| जल आदि का विभाग नहीं | ... | २९० |
| संदिग्ध विषयों का निर्णय | ... | २९० |
| परिषत् का लक्षण | ... | २९१ |
| शिष्टवचन करने के संबन्ध में प्रमाण | ... | २९१ |
| धर्मशास्त्रों की प्रशंसा | ... | २९१ |