भारतकोश
गोभिल गृह्यसूत्रम् (सामवेद कौथुम-राणायनीय शाखा - मुकुन्द शर्मा सटीक)

गोभिल गृह्यसूत्रम् (सामवेद कौथुम-राणायनीय शाखा - मुकुन्द शर्मा सटीक)

Gobhila Grihyasutram of Samaveda with Commentary

महर्षि गोभिल (टीकाकार: पण्डित मुकुन्द शर्मा) द्वारा

DevanagariHindipublished332 पृष्ठ

पृष्ठ 117, कुल 332 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 117

गर्भी? Notice L31: तदन्तर्गर्भं गर्भिदलम् । तदस्यास्तीति अन्तर्गर्भि । गर्भात्तृतीय-दलम् । तद्भिन्नमनन्तर्गर्भिणम् । Yes! "गर्भात्तृतीयदलम् । तद्भिन्नमनन्तर्गर्भिणम् ।" So L30 is: गर्भभिन्नमिति or गर्भिमिन्नमिति or गर्भिभिन्नमिति! Look at L30: , र्भि, then मि or भि? It has a circle, but no top line rupture: it looks like मि! A typesetter's typo for भि: गर्भिमिन्नमिति or गर्भभिन्नमिति? Wait, let's look at मि in यावदिति: exactly the same shape! So it literally says गर्भिमिन्नमिति (typo for गर्भिभिन्नमिति or गर्भभिन्नमिति). * L31: अन्तर्गतोगर्भोयस्य तदन्तर्गर्भं गर्भिदलम् । तदस्यास्तीति अन्तर्गर्भि । गर्भात्तृतीय- Wait, is it गर्भिसदृशम् or गर्भिदलम्? Look at the letters: , र्भि, , , म् -> गर्भिदलम्! Next sentence: `तद