भारतकोश
गोपथ ब्राह्मण (अथर्ववेद - क्षेमकरणदास त्रिवेदी हिन्दी भाष्य)

गोपथ ब्राह्मण (अथर्ववेद - क्षेमकरणदास त्रिवेदी हिन्दी भाष्य)

Gopatha Brahmana with Hindi Bhashya by Pt. Kshemkarandas Trivedi

महर्षि गोपथ / पं. क्षेमकरणदास त्रिवेदी द्वारा

स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished600 पृष्ठ

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पृष्ठ 592

चन्द्रमा मनसो जातः ( ५५४ ) परोक्षेण परोक्षप्रिया भाग, भाग, मन्त्र आदि प्रपाठक, पृष्ठ मन्त्र आदि प्रपाठक, पृष्ठ कण्डिका कण्डिका चन्द्रमा मनसो जातः पू १, १२ २५ दिवि त्वात्तिरधार पू २, १७ १११ चर्षणीधृतं मघवा उ ४, १५ ४३६ दिवो न तुभ्यमन्वि उ ६, ६ ५२० ज दिवो नु मां बृहतो पू २, ७ ८६ देव संस्फान सह उ ४, ६ ४२६ जीवा स्थ जीव्यासं पू १, ३६ ७४ देव सवितः प्रसुव उ १, ४ २७१ जीवेम शरदः शतम् पू २, ८ ६२ जुष्टो वाचे भूयासं उ २, १७ ३४४ देवस्य त्वा सवितुः उ १, २ २६६ देवस्य त्वा सवितुः उ १, २ २६६ त देवस्य त्वा सवितुः उ २, १० ३३० तं वो दस्ममृती उ ४, २ ४१५ देवाः पितरः पितरो पू ५, २१ २४६ तत् त्वा यामि उ ४, २ ४१५ देवा ददत्वासुरं उ ६, १४ ५४३ तत् सवितुर्वरेण्यं पू १, ३२ ७१ देवानामेतत् परि पू २, ७ ८६ तदण्डमभवद् घैमं पू १, ३ ६ द्यौर्नय इन्द्राभि उ ६, ६ ५२० तदेवाग्निस्तदादि पू १, ६ १४ द्रप्सश्चस्कन्द उ २, १२ ३३४ तन्तुरसि प्रजा उ २, १३ ३३७ द्रप्सश्चस्कन्द उ ४, ७ ४२४ तं त्वा समिद्भिर उ १, ४ २७० ध तरणिरित् सिषा उ ४, ३ ४१८ धृष्णोऽसि उ २, १४ ३३६ तवायं सोमस्त्वमे उ २, २१ ३५४ तस्माद् यज्ञात् सर्वं पू १, ६ १४ न तस्मिन्नण्डे स भगवा पू १, ३ ६ न ते गिरो अपि मृ उ ६, १ ४६४ तां ह जरितर्नः प्र उ ६, १४ ५४२ नमोऽस्तु सर्पेभ्य पू १, १० २३ तानि कल्पद् ब्रह्मचारी पू २, ८ ६२ नहि ते पूर्तंममक्षि उ ४, ११ ४३४ ताभ्यां स शकलाभ्यां पू १, ३ ६ नाके राजन् प्रति पू ५, २१ २४६ तरोभिर्बो विद उ ४, ३ ४१७ नामुरसि उ २, १३ ३३५ तुभ्यं हिन्वानो वसिष्ठ उ ६, १० ५२१ नूनं सा ते प्रतिवरं उ ६, ५ ५०६ ते स्याम देव वरुण उ ५, १३ ४८२ नू मर्तो दयते सनि उ ४, १७ ४४८ तोशा वृत्रहणा हुवे उ ३, १५ ३६३ नू ष्टुत इन्द्र नू गृ उ ६, ५ ५०६ त्रिवृदसि उ २, १४ ३३६ प त्रीणि त आहुर्दिवि पू २, २१ १२५ त्वं नो नमसस्प उ ४, ६ ४२८ पञ्चभूतात्मके देहे उ ६, २ ४६६ त्वमिन्द्र शर्म रि उ ६, १४ ५४३ परोक्षेण परोक्षप्रिया पू १, १ १ त्वं सोम प्र चिकितो उ ४, ७ ४२४ परोक्षेण परोक्षप्रिया पू १, ७ १६ परोक्षेण परोक्षप्रिया पू १, ७ १६ द परोक्षेण परोक्षप्रिया पू १, ७ १६ दधिक्राव्णो अकारि उ ६, १६ ५४६ परोक्षेण परोक्षप्रिया पू १, ३६ ७२