भारतकोश
गोरक्षशतकम् (गुरु गोरखनाथ - षडङ्ग हठयोग, कुण्डलिनी एवं प्राणायाम विधान सटीक)

गोरक्षशतकम् (गुरु गोरखनाथ - षडङ्ग हठयोग, कुण्डलिनी एवं प्राणायाम विधान सटीक)

Goraksha Shatakam of Guru Gorakhnath with Commentary

गुरु गोरखनाथ (टीकाकार: पं. मोतीलाल खद्दर शास्त्री) द्वारा

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अनन्त श्री विभूषित राष्ट्रगुरु पीताम्बरा पीठाधीश्वर परमपूज्य श्री स्वामीजी महाराज, दतिया (म.प्र.) 卐 समर्पणम् 卐 शतशः स्वगुरुं नत्वा तथा पीताम्बराम् जनिम्। यत्कृपातोऽभवत्पूर्णोऽनुवादः शतकस्य च॥ वन्दे स्वगुरुपीठं वै मोतीलालोऽह मानतः। सकृदप्यनुशीलेन सिद्धिर्भवति सर्वदा॥ अनुवादकः