गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण
Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
DevanagariHindipublished78 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 13
कला
- • चित्रकला - रेखा-चित्र, आकृतियाँ, वास्तविक चित्र, चालीं, ब्यंग चित्र, छाया चित्र, रंगीन चित्र
- • संगीतकला - गायन-विभिन्न रागों का ज्ञान व प्रशिक्षण
- • वादन - सितार, ढोलक-तबला, हार्मोनियम, डफ, मंजीरा, पखवाज, संतूर, वेणुवादन, वायलिन, सारंगी, जलतरंग, इत्यादि
- • अभिनय/नाट्यकला - नृत्य(कथक, रास, दीवानृत्य, बांबुनृत्य, भांगडानृत्य, चामरनृत्य, झांझनृत्य इत्यादि) नाटक, एकांकी नाटक, संवाद, मुखमुद्राएँ और शारीरिक चेष्टाएँ।
- • संभाषण - वक्तृत्व, भाषण, कथन।
- • जादू कला - मूलभूत सिद्धांत व विभिन्न खेल।
- • पाक कला - उबालना, तलना, सेंकना, तडका लगाना, स्वास्थ्य अनुकूल भोजन बनाना।
- • सृजनकला - विविध चीज-वस्तुएँ बनाना एवं सर्जन करना।
- • सिलाई - विविध टांकों का ज्ञान, कांतना, चरखा चलाना।
- • शृंगार - शरीर-शृंगार, मंडप-शृंगार, गृह-शृंगार, मंच-शृंगार।
- • पठन - शीघ्र और प्रभावी पठन का अभ्यास।
- • लेखन - हस्तलेखन, लेख, निबंध कहानी, अहेवाल, योजनापत्र, भाषण, काव्य, नाटक, संवाद
- • अन्य कला - गहूली, रंगोली, अतिथि सत्कार।
आधुनिकता की इस दौड़ में आज समाज के पेशेवर अपराधियों से ज्यादा खतरा सफेदपोश अपराधियों से है। इस देश को चोरों, डकैतों से ज्यादा रईस और पढ़े-लिखे लोग लूट रहे हैं।