गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण
Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंझलक
- • निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण
- • बोझ रहित शिक्षा
- • मैकाले शिक्षा का प्रभावशाली विकल्प
- • सक्षम, सशक्त, अडिग, सौम्य, प्राज्ञ, निडर, विनम्र, विवेकी, धैर्यवान् एवं चारित्रवान् व्यक्तित्व का निर्माण।
- • विद्या, कला व कौशल का त्रिवेणी संगम।
- • समग्र और सर्वांगी विकास
- • शुद्ध, विष से मुक्त(रसायनों और कीटनाशकों से रहित) संपूर्ण निर्दोष बल एवं स्वास्थ्य दायक आहार।
- • खान-पान के लिए वर्षा ऋतु में प्राप्त दिव्य जल, वर्षा कालीन जल संचयन के लिए एक लाख लीटर क्षमता की टंकी।
- • पात्र, वस्त्र, आसन, बैठक, शिक्षा, शयन आदि सभी की संपूर्ण भारतीय पद्धति से सुव्यवस्था।
- • घुड़ सवारी, घोड़ा गाडी इत्यादि की प्रशिक्षण और अन्य बहुत कुछ...।
प्रत्येक समस्या आज की गलत शिक्षा की उपज है। आज देश-दुनिया की कोई भी समस्या ऐसी नहीं है, जिसको गंभीर बनाने में इस पैशाचिक स्कूली शिक्षा की बुनियादी जिम्मेदारी न हो।
युगों से भारत में ज्ञान, विद्या, शिक्षा के विषय में चिंतन एवं प्रयोग होते रहे हैं। भारत ज्ञान का उपासक रहा है। भारत में कहा गया है, 'नास्ति विद्या समं चक्षुः'। शिक्षा के बारे में एक सर्वस्वीकृत सूत्र है 'सा विद्या या विमुक्तये'। विद्या वही है जो मुक्ति प्रदान करे। परंतु आज हम देखते हैं कि विद्या स्वयं मुक्त नहीं है। विद्या बाजार के बंधन में है, विद्या अर्थ के बंधन में है, विद्या शासन के नियंत्रण में है। इन नियंत्रणों से मुक्त नहीं होगी तो शिक्षा शिक्षार्थी को कभी भी मुक्त नहीं कर सकती, इसलिए प्रथम आवश्यकता है शिक्षा को ही बंधनों से मुक्त करने की।