भारतकोश
हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)

हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)

Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary

महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा

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( २ ) हारीतसंहिता-

विषय.पृष्ठ.विषय.पृष्ठ.
हेमन्तवर्णन ....२४वायुका कोप .... ....३५
शिशिरवर्णन ....२५पित्तप्रकोपानदान.... ....३६
वसंतऋतुका वर्णन ...."कफप्रकोपानदान.... ....३७
ग्रीष्मवर्णन ....२६द्वौ दोषोंके कोपकी उत्पत्ति ...."
इसके वाद वयोज्ञानका कथन ....२७सन्निपातकी उत्पत्ति ....३८
मध्यमवयोर्लक्षण ...."रसोंके गुणदोषका वर्णन ...."
प्रकृतिका ज्ञान ....२९षड्रसके गुणदोषवर्णन ....३९
वातादिप्रकृतिका ज्ञान ...."रसगुणोंके गुणकर.... ...."
वातप्रकृतिका लक्षण ...."वातादिविरुद्धरस .... ...."
पित्तप्रकृतिका लक्षण ...."दोषोंके विरोधीरसोंका वर्णन ...."
कफप्रकृतिका लक्षण ....३०वातादिकोंमें रसयोजना ....४०
समप्रकृतिका लक्षण ...."मधुररसका वर्णन .... ...."
पूर्वदिशाका वायु ...."कडुए रसका वर्णन ...."
आग्नेयदिशाका वायु ....३१चरपरे रसका वर्णन ...."
दक्षिणदिशाका वायु ...."खट्टे रसका वर्णन.... ....४१
नैर्ऋत्यदिशाका वायु ...."कसैले रसका वर्णन ...."
पश्चिमदिशाका वायु ....३२खारे रसके वीर्य्यका वर्णन ...."
वायव्यदिशाका वायु ...."पानीका वर्ण .... ....४२
उत्तरदिशाका वायु ...."जलके भेद .... ...."
ऐशानदिशाका वायु ...."गंगापानीकी परीक्षा ...."
अन्य पंचविध वायुके गुण ...."गंगाजलके गुण .... ....४३
वस्त्रवायुके गुण ...."सामुद्र पानीका लक्षण और गुण...."
वेणुवायुगुण ....३३चारप्रकारकी वृष्टि.... ...."
कांस्यपात्रवायुके गुण ...."रात्रिको वर्षे हुए पानीके गुण-दोष वर्णन .... ...."
रंभातालपत्रवायुके गुण ...."""
खसशिखिपूच्छव्यजनवायुके गुण...."दुर्दिनमें वर्षेहुए पानीके गुण-दोषवर्णन .... ...."
षड़तुओमें उत्तमदिक् वायु ....३४""
प्रतिदिन षड्ऋतु ...."दुर्दिनमें वर्षे हुए पानीके गुणदोष वर्णन .... ....४४
सचिववायु ...."""
ऋतुभेदसेवातादिकोंका संचय, कोप, उपराम३५क्षणवृष्टिके गुण .... ...."