हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)

हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)
Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary
महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा
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( १८ ) हारीतसंहिता-
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|---|---|---|---|
| अर्शरोगपर शस्त्रादिकर्म | ३१२ | वात आदि दोषोंसे उपजी तृषाके क्रमसे लक्षण | ३२६ |
| अर्शरोगमें पथ्य | ३१३ | त्रिदोषकी तृषाका लक्षण | ,, |
| अथ खांसीकी चिकित्सा | ३१४ | अन्यतृषाओंके लक्षण | ,, |
| कासरोगके हेतु | ,, | असाध्य तृष्णाका लक्षण | ३२७ |
| कासरोगकी संप्राप्ति | ३१५ | वातकी तृषाकी चिकित्सा | ,, |
| कासरोगके प्रकार | ,, | पित्तकी तृषाकी चिकित्सा | ,, |
| वातसे उपजी खांसीका लक्षण | ३१६ | कफकी तृषाकी चिकित्सा | ३२८ |
| पित्तसें उपजी खांसीके लक्षण | ,, | त्रिदोषकी तृषाकी चिकित्सा | ,, |
| कफकी खांसीके लक्षण | ,, | तालुशोषकी चिकित्सा | ३२९ |
| त्रिदोषकी खांसीके लक्षण | ,, | दाड़िमकोल | ,, |
| क्षतजखांसीके लक्षण | ,, | तृष्णाआदिकोंकी साधारण चिकित्सा | ,, |
| रक्तकी खांसीके लक्षण | ३१७ | मूर्च्छाकी संप्राप्ति | ३३० |
| सबप्रकारकी खांसीयोंके लक्षण | ,, | मूर्च्छाका लक्षण | ३३१ |
| वातकी खांसीकी चिकित्सा | ३१८ | वातज आदि मूर्च्छालक्षण | ,, |
| कट्फल आदि औषध | ,, | पित्तज मूर्च्छालक्षण | ,, |
| द्राक्षादि औषध | ३१९ | कफजमूर्च्छा | ३३२ |
| बालकादिकल्क | ,, | सन्निपातजमूर्च्छा | ,, |
| मुस्तादिचूर्ण | ,, | रक्तगंधजमूर्च्छा | ,, |
| पित्तकी खांसीकी चिकित्सा | ,, | मद्यादिजन्यमूर्च्छा | ३३२ |
| लघुतालीस आदि औषध | ३२० | मूर्च्छा, भ्रम, निद्रा और तन्द्रा इन्होंका हेतु | ,, |
| बृहत्तालीसाद्य औषध | ३२१ | मूर्छाकी चिकित्सा | ३३३ |
| छर्दिलक्षण | ,, | रक्तमूर्च्छा आदिकोंका उपाय | ,, |
| वातछर्दीकी चिकित्सा | ३२२ | नष्टसंज्ञमूर्च्छितकी चिकित्सा | ३३४ |
| पित्तकी छर्दीकी चिकित्सा | ३२३ | मूर्च्छा, मद, भ्रम इन्होंकी चिकित्सा | ,, |
| कफकी छर्दीकी चिकित्सा | ३२४ | मूर्च्छादिकोंके साधारण उपाय | ,, |
| एलादिचूर्ण | ,, | निद्राचिकित्सा | ३३५ |
| छर्दीकी शमनक्रिया | ,, | मदात्ययचिकित्सा | ३३६ |
| छर्दरोगमें पथ्यापथ्य | ३२५ | वातादिदोषजन्य मदात्यय | ३३७ |
| तृषा और तालुशोषकी संप्राप्ति | ,, |