हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)
Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary
महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविषयानुक्रमणिका. (२३) विषय. पृष्ठ. | विषयः पृष्ठ. तैलपाकविधि .... .... ४८३ | त्रिफलाकाथ .... ४९१ निरूहबस्तिकर्मविधि .... ४८४ | हरडेके कल्प और वर्णोंका भेद ४९४ स्वेदनविधि .... .... ४८५ | रसोनकल्प .... ४९६ रक्तावसेच फस्त खुलानेकी विधि ४८६ | लहुसुनके गुण .... ४९८ रक्तलक्षण .... ... ४८७ | पेयरसोनविधि .... " जलौकाविचारविधि .... " | गुग्गुलकल्प .... ५०० इन्द्रायुधके लक्षण .... .... " | इति पञ्चमस्थानं समाप्तम् । रोहिणीके लक्षण .... .... " | अथ षष्ठं शारीरस्थानम् । कालिका जोखके लक्षण .... ४८८ | धूम्रा जोखके लक्षण .... .... " | शारीराध्याय .... ५०३ जोख लगवानेका क्रम .... " | नपुंसक तथा अपत्ययुग्मका विचार ५०७ इति चतुर्थस्थानं समाप्तम् । | नपुंसकका विचार .... " अथ पंचमं कल्पस्थानम् । | गर्भका विवर्णन .... ५०८ हरीतकीका कल्प .... ४८९ | परिशिष्टाध्याय .... ५११ इति हारीतसंहिताविषयानुक्रमणिका समाप्ता ।