भारतकोश
हिन्द स्वराज (आत्म-निर्भरता एवं स्वराज्य दर्शन)

हिन्द स्वराज (आत्म-निर्भरता एवं स्वराज्य दर्शन)

Hind Swaraj by Mahatma Gandhi

मोहनदास करमचन्द गाँधी (महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished150 पृष्ठ

पृष्ठ 129, कुल 150 में से

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पृष्ठ 129

हिन्द स्वराज्य अनुभव मैं आपको देता हूँ और उसे देते समय ली हुई शिक्षा का उपयोग करके उसमें रही सड़न मैं आपको दिखाता हूँ। इसके सिवा, आपने जो बात मुझे सुनाई उसमें आप गलती खा गये, क्योंकि मैंने अक्षर ज्ञान को बुरा नहीं कहा है। मैंने तो इतना ही कहा है कि उस ज्ञान की हमें मूर्ति की तरह पूजा नहीं उस ज्ञान की हमें मूर्ति की तरह करनी चाहिए। वह हमारी कामधेनु नहीं है। पूजा नहीं करनी चाहिए। वह वह अपनी जगह पर शोभा दे सकता है और हमारी कामधेनु नहीं है। वह वह जगह यह है : जब मैंने और आपने अपनी जगह पर शोभा दे अपनी इन्द्रियों को बस में कर लिया हो, सकता है और वह जगह यह है : जब हमने नीति की नींव मजबूत बना ली जब मैंने और आपने अपनी हो, तब अगर हमें अक्षर ज्ञान पाने की इन्द्रियों को बस में कर लिया इच्छा हो, तो उसे पाकर हम उसका अच्छा हो, जब हमने नीति की नींव उपयोग कर सकते हैं। वह शिक्षा आभूषण के मजबूत बना ली हो, तब अगर रूप में अच्छी लग सकती है, लेकिन अक्षर हमें अक्षर ज्ञान पाने की इच्छा ज्ञान का अगर आभूषण के तौर पर ही हो, तो उसे पाकर हम उसका उपयोग हो, तो ऐसी शिक्षा को लाज़िमी करने अच्छा उपयोग कर सकते हैं। की हमें ज़रूरत नहीं। हमारे पुराने स्कूल ही वह शिक्षा आभूषण के रूप में काफ़ी हैं। वहां नीति को पहला स्थान दिया अच्छी लग सकती है, लेकिन जाता है। वह सच्ची प्राथमिक शिक्षा है। उस अक्षर ज्ञान का अगर आभूषण पर हम जो इमारत खड़ी करेंगे वह टिक के तौर पर ही उपयोग हो, तो सकेगी। ऐसी शिक्षा को लाज़िमी करने पाठक : तब क्या मेरा यह समझना ठीक है की हमें ज़रूरत नहीं। हमारे पुराने कि आप स्वराज्य के लिए अंग्रेजी शिक्षा का स्कूल ही काफ़ी हैं। कोई उपयोग नहीं मानते ? संपादक : मेरा जवाब ‘हाँ’ और ‘नहीं’ दोनों है। करोड़ों लोगों को अंग्रेजी की शिक्षा देना उन्हें गुलामी में डालने जैसा है। मैकाले ने शिक्षा की जो बुनियाद डाली, वह सचमुच गुलामी की बुनियाद थी। उसने इसी इरादे से अपनी योजना बनाई थी, ऐसा मैं नहीं सुझाना चाहता, लेकिन उसके काम का नतीजा यही निकला है। यह कितने दुःख की बात है कि हम स्वराज्य की बात भी पराई भाषा में करते हैं? 128